एग्री एवं हॉर्टिकल्चर एक्सपो में हिमाचल के बागवानी विभाग द्वारा प्रदर्शित स्टॉल को मिला प्रथम पुरस्कार
मंडी, 26 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल की बागवानी की उन्नत फल उत्पादन और समृद्ध आजीविका की ओर एक नई उड़ान।
दिल्ली में आयोजित इंडिया एग्री एवं हॉर्टिकल्चर एक्सपो के अंतर्गत तीसरे एवं अंतिम दिन हिमाचल प्रदेश के प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिसका मुख्य विषय एडवांस फ्रूट कल्टीवेशन एंड हॉर्टिकल्चर लाइवलीहुड की अवधारणा के अनुरूप प्रदेश की समृद्ध बागवानी विविधता, विशिष्ट फल प्रजातियों तथा आधुनिक बागवानी की संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया गया। इस एक्सपो में हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से डॉ. बी.एस. नेगी, उपनिदेशक उद्यान, हिमाचल प्रदेश; डॉ. सुरेश नेगी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (बागवानी); डॉ. संतोष मेहता, उद्यान विकास अधिकारी तथा डॉ. प्रवीण मेहता, उद्यान विकास अधिकारी ने भाग लिया।
विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी पर जीआई टैग प्राप्त हिमाचली सेब सहित ब्लूबेरी, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, कीवी, सीबकथॉर्न, मशरूम तथा विभिन्न प्रकार के नट्स एवं अन्य फल एवं विशिष्ट बागवानी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियों में फल उत्पादन की संभावनाओं और बागवानी विविधीकरण के महत्व को दर्शाया गया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की विशिष्ट बागवानी पहचान को व्यापक मंच प्रदान करने के साथ-साथ आधुनिक उत्पादन तकनीकों, नवीन फल प्रजातियों, मशरूम उत्पादन और बागवानी आधारित आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करना रहा। इसके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, फसल विविधीकरण तथा आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाकर बागवानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया गया।
एक्सपो के तीसरे एवं अंतिम दिन हिमाचल प्रदेश के स्टॉल को प्रथम पुरस्कार प्राप्त होना प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान हिमाचल की समृद्ध बागवानी विरासत, विविधता और आधुनिक बागवानी की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला है। इस प्रकार के आयोजनों से नवीन तकनीकों एवं नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने तथा उन्हें प्रदेश के बागवानों तक पहुंचाने के अवसर मिलते हैं। इससे हिमाचल प्रदेश में फल उत्पादन को बढ़ावा देने, बागवानी का विविधीकरण करने और बागवानी आधारित आजीविका को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहायता मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

