आईआईटी मंडी ने उत्तर एवं दक्षिण परिसर को जोड़ने वाले पंचवक्त्र मार्ग का किया लोकार्पण
मंडी, 30 जुलाई (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी मंडी ने अपने उत्तर एवं दक्षिण परिसरों को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित कैंपस यूनिफिकेशन रोड का लोकार्पण किया। इस मार्ग का नाम पंचवक्त्र मार्ग रखा गया है। इस अवसर पर आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने सड़क का उद्घाटन किया। समारोह में संस्थान के संकाय सदस्य, कर्मचारी, विद्यार्थी, अभियंता तथा परियोजना से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नव-निर्मित पंचवक्त्र मार्ग आईआईटी मंडी के संपूर्ण परिसर को निर्बाध रूप से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है, जो शैक्षणिक, प्रशासनिक तथा सामुदायिक समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी तथा 9 मीटर चौड़ी इस दो-लेन सड़क का निर्माण लगभग 21 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।
वाहनों की सुगम आवाजाही के साथ-साथ इसमें पैदल चलने वालों के लिए एक समर्पित पक्का पैदल मार्ग भी विकसित किया गया है, जिससे परिसर में सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित होगा।
इस परियोजना का एक प्रमुख इंजीनियरिंग घटक कटौला खड्ड पर निर्मित 50 मीटर लंबा, दो-लेन प्री-स्ट्रेस्ड बॉक्स गर्डर पुल है, जो दोनों परिसरों के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करता है। हिमालयी भू-भाग की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण में वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन की गई जल निकासी व्यवस्था, चैनलाइजेशन संरचनाएं, आरसीसी स्लैब कल्वर्ट, घाटी की ओर सुरक्षात्मक संरचनाएं तथा रात्रिकालीन सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त स्ट्रीट लाइट्स स्थापित की गई हैं। सड़क का डिज़ाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि तीव्र चढ़ाई एवं ढलान से बचते हुए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
निर्माण कार्य के दौरान लगभग 150 मीटर लंबे चट्टानी क्षेत्र का सामना करना पड़ा, जिसके लिए भारी विस्फोटक तकनीकों का उपयोग करने के बजाय पर्यावरण-अनुकूल इंजीनियरिंग विधियों से खुदाई की गई। यद्यपि इससे परियोजना को पूरा करने में अपेक्षा से अधिक समय लगा, लेकिन इससे पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखते हुए उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया गया।
इस अवसर पर आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा, हमने इस मार्ग का नाम पंचवक्त्र मार्ग मंडी स्थित ऐतिहासिक पंचवक्त्र शिव मंदिर के नाम पर रखा है, जो इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रति हमारे सम्मान का प्रतीक है। यह सड़क न केवल दोनों परिसरों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी, बल्कि आईआईटी मंडी समुदाय में एकता की भावना को भी और सशक्त बनाएगी। मैं इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को साकार करने में योगदान देने वाले सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभियंताओं तथा श्रमिकों को हार्दिक बधाई देता हूं। इस अवसर पर आईआईटी मंडी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान के अंतर्गत पंचवक्त्र मार्ग तथा उसके आसपास लगभग 2,000 पौधे लगाए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

