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आईजीएमसी शिमला में लगेंगी आधुनिक जांच मशीनें, बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी होगी मजबूत

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आईजीएमसी शिमला में लगेंगी आधुनिक जांच मशीनें, बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी होगी मजबूत


शिमला, 09 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल आईजीएमसी शिमला में अब कई आधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं बढ़ने जा रही हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 83.85 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से आईजीएमसी शिमला में आधुनिक स्पेक्ट मशीन, बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सेल सेपरेटर और 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन खरीदी जाएगी। इसके साथ ही टांडा मेडिकल कॉलेज में छह आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें लगेंगी और मंडी के नेरचौक में पीईटी स्कैन भवन का निर्माण किया जाएगा।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि।आईजीएमसी शिमला में स्पेक्ट मशीन और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सेल सेपरेटर की खरीद पर आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्पेक्ट यानी सिंगल फोटॉन एमिशन कंप्यूटेड टोमोग्राफी एक आधुनिक जांच तकनीक है। इससे शरीर के अंगों और ऊतकों की कार्यप्रणाली की त्रिआयामी तस्वीरें तैयार की जाती हैं। इससे डॉक्टरों को बीमारी की पहचान करने और उसकी स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है। इसका इस्तेमाल हृदय, मस्तिष्क, हड्डियों, फेफड़ों और गुर्दों से जुड़ी बीमारियों की जांच में किया जा सकता है। कुछ प्रकार के कैंसर और अन्य बीमारियों के आकलन में भी यह तकनीक उपयोगी है।

प्रवक्ता के मुताबिक सेल सेपरेटर बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से उचित प्रक्रिया के बाद मरीज या दाता से परिधीय रक्त स्टेम कोशिकाएं एकत्र की जा सकेंगी। इन स्टेम कोशिकाओं को अलग करने, उनकी संख्या निर्धारित करने और प्रत्यारोपण के लिए तैयार करने की सुविधा मिलेगी। जरूरत पड़ने पर इन्हें सुरक्षित रखा जा सकेगा और आवश्यक उपचार के बाद मरीज को दिया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में छह आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद और कंडाघाट के सीटीएल के उन्नयन के लिए 14 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा दो एक्स-रे मशीनें खरीदी जाएंगी। इनमें एनालॉग और डिजिटल दोनों प्रणालियां शामिल होंगी। इनके लिए 3.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। आईजीएमसी शिमला में 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए 12 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन आधुनिक मशीनों से अस्पताल में जांच की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों की जांच तथा आगे की चिकित्सा प्रक्रिया अधिक सुचारू हो सकेगी।

प्रवक्ता के अनुसारकांगड़ा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा के लिए छह आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद पर छह करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, मंडी के लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में पीईटी स्कैन भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन सुविधाओं के विकसित होने से हिमाचल में ही आधुनिक जांच और उपचार सेवाओं का दायरा बढ़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा