एचआरटीसी हड़ताल से पहले सुक्खू सरकार का बड़ा दांव, 656 नए ड्राइवरों की भर्ती, कल 31 डिपो में इंटरव्यू
शिमला, 23 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल से पहले सुक्खू सरकार ने बस सेवाओं को पटरी पर बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एक तरफ चालक-परिचालक यूनियन ने 24 जून की मध्यरात्रि 12 बजे से प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने का ऐलान कर रखा है, तो दूसरी तरफ सरकार ने 656 अस्थायी ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 24 जून को दोपहर 12 बजे प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) कार्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन का कहना है कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार की जा रही है। यही वजह है कि हड़ताल की चेतावनी के बीच एक दिन पहले ही बड़े पैमाने पर ड्राइवरों की भर्ती का फैसला लिया गया है।
हड़ताल की चेतावनी और सरकार की तैयारी
एचआरटीसी के चालक और परिचालक संगठन लंबे समय से लंबित वित्तीय देयों और अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) की अध्यक्षता में यूनियन प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बैठक भी हुई, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही।
सरकारी पक्ष के अनुसार बैठक के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने एक चालक के तबादले का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और उसे तत्काल रद्द करने की मांग पर अड़े रहे। इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद यूनियन प्रतिनिधि बैठक छोड़कर चले गए। सरकार का दावा है कि अन्य मांगों पर चर्चा के लिए उन्हें बार-बार कहा गया, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके बाद यूनियन ने 25 जून से हड़ताल पर जाने के अपने फैसले को बरकरार रखा। वहीं कर्मचारियों की ओर से 24 जून की मध्यरात्रि से चक्का जाम की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी है।
31 डिपो में 656 ड्राइवरों की होगी नियुक्ति
हड़ताल की आशंका को देखते हुए एचआरटीसी प्रबंधन ने अस्थायी ड्राइवरों की नियुक्ति के लिए विशेष नीति तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के 31 डिपो और इकाइयों में कुल 656 ड्राइवर अस्थायी आधार पर नियुक्त किए जाएंगे।
इन पदों के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को वैध एचटीवी/एचएमवी लाइसेंस, भारी या परिवहन वाहन चलाने का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक होना आवश्यक है।
भर्ती प्रक्रिया के तहत 24 जून को दोपहर 12 बजे सभी आरएम कार्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू लिए जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों को आवश्यकता के अनुसार विभिन्न डिपो में तैनात किया जाएगा ताकि बस सेवाएं प्रभावित न हों।
एस्मा लागू, हड़ताल पर कानूनी सख्ती
राज्य सरकार ने 23 जून को अधिसूचना जारी कर एचआरटीसी सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया है। इसके साथ ही ये सेवाएं आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) के दायरे में आ गई हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के तहत हड़ताल करना या उसमें भाग लेना प्रतिबंधित है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन और पुलिस को भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
होमगार्ड भी संभालेंगे मोर्चा
सरकार केवल नई भर्तियों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहती। एचआरटीसी प्रबंधन ने बस संचालन जारी रखने के लिए हिमाचल होमगार्ड्स के माध्यम से भी आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था करने की तैयारी की है। उद्देश्य यही है कि यदि हड़ताल होती भी है तो प्रदेशभर में सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप न होने पाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

