एचआरटीसी में ग्रीन, स्मार्ट और सम्मान कार्ड बंद, अब हिम बस प्लस कार्ड से मिलेगा रियायती सफर
शिमला, 15 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में रियायती सफर करने वाले यात्रियों के लिए व्यवस्था में बदलाव किया गया है। निगम ने ग्रीन, स्मार्ट और सम्मान कार्ड बनाना बंद कर दिया है। अब इन कार्ड की जगह हिम बस प्लस कार्ड जारी किया जाएगा। हालांकि, पुराने कार्ड की वैधता खत्म होने तक उन पर मिलने वाली किराये की रियायत जारी रहेगी। इसके बाद यात्रियों को रियायती सफर के लिए नया हिम बस प्लस कार्ड बनवाना होगा।
निगम के बस अड्डों पर ग्रीन, स्मार्ट और सम्मान कार्ड बनाने की सुविधा बंद कर दी गई है। हिम बस प्लस कार्ड के लिए यात्रियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए एचआरटीसी की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन में मांगी गई जानकारी और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इसके बाद 365 रुपये की फीस भी ऑनलाइन जमा करनी होगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के कुछ दिन बाद कार्ड संबंधित बस अड्डे के काउंटर से प्राप्त किया जा सकेगा। नए कार्ड की वैधता एक वर्ष होगी।
हिम बस प्लस कार्ड बनने के बाद सामान्य यात्रियों को एचआरटीसी की बसों में किराये पर पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए किराये में 15 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। निगम के अनुसार ग्रीन, स्मार्ट और सम्मान कार्ड के तहत मिलने वाली सुविधाओं को अब हिम बस प्लस कार्ड में शामिल किया गया है। यानी रियायती सफर के लिए अलग-अलग कार्ड रखने की व्यवस्था खत्म कर एक ही कार्ड की व्यवस्था लागू की गई है।
पहले 25 से 30 प्रतिशत तक मिलती थी छूट
पुरानी व्यवस्था में ग्रीन कार्ड पर 50 किलोमीटर तक के सफर में 25 प्रतिशत की छूट मिलती थी। सम्मान कार्ड पर 30 प्रतिशत और स्मार्ट कार्ड पर पूरे सफर के किराये में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान था। अब ये पुरानी रियायतें लागू नहीं रहेंगी और हिम बस प्लस कार्ड के तहत निर्धारित छूट ही मिलेगी। पुराने ग्रीन, स्मार्ट और सम्मान कार्ड 100 रुपये में एक साल के लिए बनते थे, जबकि नए हिम बस प्लस कार्ड के लिए यात्रियों को 365 रुपये फीस देनी होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

