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एचआरटीसी को मिलेंगी 1,500 ई-बसें, ऊना में पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसें चलाने के निर्देश

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एचआरटीसी को मिलेंगी 1,500 ई-बसें, ऊना में पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसें चलाने के निर्देश


शिमला, 07 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार आने वाले समय में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को 1,500 नई ई-बसें उपलब्ध करवाएगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को नई ई-बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर रखने और उन्हें प्रदेश के पहाड़ी व कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊना जिले और नालागढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों से संचालित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी को पहले ही 297 ई-बसें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार हाइड्रोजन से चलने वाली बसें शुरू करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि भविष्य में 100 ग्रीन हाइड्रोजन बसें और 100 सुपर डीलक्स बसें भी खरीदी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में ई-चार्जिंग अधोसंरचना के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए। एचआरटीसी के अधिकारियों को 30 ई-वाहन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग के राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2021-22 में विभाग का राजस्व 510 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 995 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इसी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘चालान 2 पे’ पहल का भी शुभारंभ किया। इस व्यवस्था के तहत लोग चालान जारी होने के स्थान पर ही सुरक्षित और रियल-टाइम डिजिटल माध्यम से चालान राशि का भुगतान कर सकेंगे। इससे भुगतान के लिए सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों को एक्सिस बैंक की ओर से पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

नई डिजिटल व्यवस्था में प्रत्येक लेन-देन का रिकॉर्ड रखा जाएगा और चालान से प्राप्त राशि सीधे राज्य कोष में जमा होगी। इसका उद्देश्य नकद लेन-देन को कम करना और चालान राशि के संग्रह में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाना है। इससे राजस्व के नुकसान की संभावना को भी कम करने में मदद मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी हिमाचल प्रदेश की जीवन रेखा है और यह दूरदराज तथा दुर्गम क्षेत्रों में भी लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-बसों का संचालन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे एचआरटीसी को आर्थिक बचत भी हो रही है। उनके अनुसार ई-बसों के संचालन से एचआरटीसी को प्रति किलोमीटर 18.19 रुपये की बचत हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा