एचआरटीसी जल्द लाएगा 'हिम बस प्लस कार्ड', एक ही स्मार्ट कार्ड में मिलेंगी सभी यात्रा सुविधाएं
शिमला, 26 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में बस यात्रियों के लिए जल्द ही यात्रा का तरीका बदलने वाला है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) यात्रियों की सुविधा और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नया 'हिम बस प्लस कार्ड' शुरू करने की तैयारी में है। इस कार्ड को शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
निगम का दावा है कि यह एक कॉमन स्मार्ट कार्ड होगा, जिसमें अभी तक जारी किए गए सभी तरह के डिस्काउंट कार्ड, ट्रैवल कार्ड और रियायती कार्ड को एक साथ जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग कार्ड रखने की आवश्यकता नहीं रहेगी और एक ही कार्ड से विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
एचआरटीसी के अनुसार नया हिम बस प्लस कार्ड पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित होगा। इसमें कार्ड धारक का पूरा विवरण सुरक्षित रूप से दर्ज रहेगा। पहचान, टिकट बुकिंग, यात्रा का रिकॉर्ड और भुगतान से जुड़ी जानकारी एक ही सिस्टम में उपलब्ध होगी। इससे टिकट जांच की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है और फर्जी कार्ड या गलत इस्तेमाल की संभावना भी कम होगी। डिजिटल टिकटिंग प्रणाली लागू होने से कंडक्टरों के काम में भी आसानी आएगी और टिकट जारी करने में कम समय लगेगा।
निगम ने इस कार्ड का शुल्क एक रुपये प्रतिदिन तय करने की योजना बनाई है। कार्ड धारकों को सभी श्रेणियों में यात्रा पर पांच प्रतिशत तक की छूट मिलेगी, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 15 प्रतिशत तक की रियायत देने का प्रस्ताव है। नियमित रूप से बसों में सफर करने वाले यात्रियों को उनकी यात्रा के आधार पर अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। यानी जितना अधिक सफर होगा, उतनी अधिक बचत का लाभ मिल सकेगा। निगम का मानना है कि इससे लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करेंगे, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहले से जारी सामान्य ट्रैवल कार्ड, मासिक पास, छात्र पास, कर्मचारी पास और अन्य रियायती कार्ड इसी एक स्मार्ट कार्ड में समाहित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को अलग-अलग कार्ड बनवाने और संभालने की परेशानी नहीं होगी। एक ही कार्ड से सभी तरह की यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एचआरटीसी अधिकारियों के अनुसार हिम बस प्लस कार्ड को पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं और जल्द ही इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है।
निगम का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सरल यात्रा अनुभव मिलेगा। साथ ही टिकटिंग प्रणाली मजबूत होगी और निगम को अपने राजस्व प्रबंधन में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

