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मंडी में हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना के तहत एचआरडी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

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मंडी में हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना के तहत एचआरडी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन


मंडी, 13 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना की जिला परियोजना प्रबंधन इकाई द्वारा कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यकुशलता को निखारने के उद्देश्य से एक विशेष मानव संसाधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह एक दिवसीय विशेष सत्र टीम निर्माण, नेतृत्व क्षमता और तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा। इस प्रशिक्षण शिविर में जिला भर से विभिन्न खंड परियोजना प्रबंधन इकाइयों से आए लगभग 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और कार्यस्थल पर अपनी क्षमता व उत्पादकता बढ़ाने के व्यावहारिक गुण सीखे। तनाव प्रबंधन और प्रभावी नेतृत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शिमला से विशेष रूप से पधारे प्रसिद्ध सॉफ्ट स्किल एवं बिहेवियरल ट्रेनर मनु भारद्वाज ने मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में शिरकत की। अपने रोचक और संवादात्मक सत्र में उन्होंने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर होने वाले मानसिक तनाव से निपटने, सहकर्मियों के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित करने और एक सफल टीम लीडर बनने के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में बेहतर प्रदर्शन के लिए मानसिक स्वास्थ्य और एक-दूसरे के प्रति सकारात्मक तालमेल बेहद जरूरी है। सही रणनीति और तनाव प्रबंधन के तरीकों को अपनाकर हम अपनी कार्यक्षमता को दोगुना कर सकते हैं। मुख्यातिथि और वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परियोजना प्रबंधक डा. हेमराज वर्मा की अध्यक्षता में हुआ, जो कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। उनके साथ मंडी के विषयवाद विशेषज्ञ डा. खूब राम सिंह भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण सत्र न केवल व्यक्तिगत विकास में सहायक होते हैं, बल्कि संस्थान के लक्ष्यों को समय पर और सुचारू रूप से प्राप्त करने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस आयोजन में अधिकारियों का सराहनीय योगदान कार्यक्रम के सुचारू संचालन और प्रबंधन में विभिन्न खंडों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसमें मुख्य रूप से डा. राजेश कुमार खंड परियोजना प्रबंधक मंडी, डा. जयंत रतना खंड परियोजना प्रबंधक कुल्लू तथा डा. अश्वनी कुमार खंड परियोजना प्रबंधक सरकाघाट शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को अपने दैनिक कार्यक्षेत्र में लागू करने की शपथ दिलाई गई। प्रतिभागियों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की दिशा में एक बेहद उपयोगी कदम बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा