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एचपीटीडीसी के आठ होटल निजी हाथों में देने का फैसला, नगरोटा में 180 करोड़ से बनेगा प्रदेश का पहला बड़ा होटल

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शिमला, 03 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने घाटे में चल रहे हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एचपीटीडीसी) के आठ होटलों को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएनएम) आधार पर निजी हाथों में देने का फैसला लिया है। पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने शुक्रवार को शिमला में कहा है कि यह निर्णय कैबिनेट स्तर पर लिया गया है और निगम अब इस फैसले को चुनौती नहीं दे सकता। हालांकि उन्होंने साफ किया कि पर्यटन निगम इन होटलों को निजी हाथों में देने के पक्ष में नहीं था और कर्मचारियों की ओर से भी इसका विरोध किया गया है।

आरएस बाली ने बताया कि इन होटलों की हालत सुधारने और उन्हें आधुनिक बनाने के लिए पहले सरकार से बजट की मांग की गई थी, लेकिन सरकार ने निजी भागीदारी के जरिए इनके संचालन और रखरखाव का रास्ता चुना है। उनका कहना है कि निगम का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाना है और इसी दिशा में आगे की योजनाओं पर काम जारी रहेगा।

इसी बीच पर्यटन निगम की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई बड़े फैसले भी लिए गए हैं। कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में बनेर खड्ड के किनारे करीब 180 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला बड़ा और आधुनिक होटल बनाया जाएगा। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से तैयार होगी। इस होटल को फाइव स्टार श्रेणी के स्तर पर विकसित करने की योजना है और इसमें प्रदेश का पहला म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाया जाएगा। धौलाधार पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बनने वाला यह होटल पर्यटन को नया आकर्षण देगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया 6 अप्रैल तक अंतिम रूप देने की तैयारी है।

आरएस बाली ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन निगम के कारोबार में लगातार सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2021-22 में निगम का टर्नओवर 78 करोड़ रुपये था, जो 2022-23 में बढ़कर 109 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2023-24 में यह 105 करोड़ और 2024-25 में 107 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

पर्यटन सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए निगम के कई होटलों में मरम्मत और नवीनीकरण का काम भी चल रहा है। शिमला स्थित होटल हॉलिडे होम के नवीनीकरण पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा मनाली के तीन होटलों में भी मरम्मत का काम जारी है। हमीरपुर के होटल हमीर में 20 करोड़ रुपये और ज्वालाजी के होटल में 35 करोड़ रुपये से सुधार कार्य किए जाएंगे।

पर्यटन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निगम ने 24 घंटे चलने वाला कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा