हिमाचल में तीन दिन 50 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट, भारी बारिश और बिजली गिरने की भी चेतावनी
शिमला, 25 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के बाद पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन अब राज्य में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 26 से 28 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और आंधी चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का अलर्ट जारी किया है। तीन दिनों के दौरान भारी बारिश को लेकर भी अलग-अलग स्तर की चेतावनी जारी की गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश हो सकती है। इस दिन शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 27 सितंबर को मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है। इस दिन हमीरपुर, चंबा और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अन्य नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 28 सितंबर को भी शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। इन तीनों दिनों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ तूफान चलने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को राज्य में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया है। 26 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। 27 सितंबर को कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इस दिन लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और अन्य कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।
इस बीच, राज्य में पिछले दिनों हुई मानसूनी बारिश का असर कई क्षेत्रों में अभी भी दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार सुबह तक प्रदेश में 42 सड़कें भूस्खलन के कारण बंद थीं। हालांकि, किसी बिजली परियोजना या पेयजल योजना के बंद होने की रिपोर्ट नहीं है। अगले तीन दिनों में तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए पहले से भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
मानसून में बारिश से जुड़े हादसों में 360 लोगों की मौत
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 360 लोगों की मौत हुई है, जबकि चार लोग लापता हैं और 610 लोग घायल हुए हैं। शिमला में सबसे अधिक 52 मौतें दर्ज की गई हैं। कांगड़ा में 45, चंबा में 44, सिरमौर में 39, मंडी में 36, कुल्लू में 33, लाहौल-स्पीति में 25, सोलन और ऊना में 24-24, किन्नौर में 19, हमीरपुर में 10 और बिलासपुर में नौ लोगों की मौत हुई है।
इनमें 214 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है, जबकि 146 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और बारिश से जुड़े अन्य हादसों में गई है। मानसून के दौरान 579 मवेशियों की भी मौत हुई है।
143 घर पूरी तरह ध्वस्त, 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान
मानसून के दौरान प्रदेश में 143 घर पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं। इनमें 43 कच्चे और 100 पक्के घर शामिल हैं। 525 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 18 दुकानें, पांच घराट और 495 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हुई हैं। राज्य में चल और अचल संपत्ति को कुल 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश में बहुत कम बारिश हुई। सिरमौर के धौलाकुआं में चार मिलीमीटर, कांगड़ा के धर्मशाला में दो मिलीमीटर और सिरमौर के नाहन में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

