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अक्टूबर में बर्फ से लकदक हिमाचल के पहाड़, शीतलहर तेज, सात डिग्री लुढ़का पारा

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अक्टूबर में बर्फ से लकदक हिमाचल के पहाड़, शीतलहर तेज, सात डिग्री लुढ़का पारा


शिमला, 11 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर में ही पहाड़ बर्फ से लकदक होने लगे हैं और शीतलहर तेज हो गई है। रविवार को लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू के ऊंचे इलाकों में हिमपात हुआ, जबकि राज्य के निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश से ठंड बढ़ गई। बारिश और बर्फबारी से प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया है और यह सामान्य से 7.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है।

राजधानी शिमला में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां अधिकतम तापमान 5.8 डिग्री गिरकर 16.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। मनाली में अधिकतम तापमान 7.2 डिग्री लुढ़ककर 14.6 डिग्री और कुफरी में इससे भी कम 13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कांगड़ा में रविवार को 31 मिलीमीटर, ऊना में 22, धर्मशाला में 12 और शिमला में 4 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने 12 से 15 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।

अक्टूबर में ही बर्फ से ढके पहाड़, शिमला में कड़ाके की ठंड

प्रदेश के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ताजा हिमपात से सर्दी का असर बढ़ गया है। रोहतांग दर्रे और शिंकुला समेत लाहौल-स्पीति, किन्नौर तथा कुल्लू के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। वहीं, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी शिमला में रविवार को दोपहर के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। दिन में अंधेरा छाने से वाहन चालकों को लाइटें जलाकर चलना पड़ा। बारिश के बाद तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ गई और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।

राज्य के औसत अधिकतम तापमान में एक दिन में 6.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। यह सामान्य से 7.3 डिग्री कम हो गया है। राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 5.8 डिग्री गिरकर 16.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मनाली में अधिकतम तापमान में 7.2 डिग्री की गिरावट के बाद यह 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पर्यटन स्थल कुफरी में अधिकतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे वहां मनाली से भी अधिक ठंड महसूस की गई।

शिंकुला मार्ग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही बंद

लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने दारचा-शिंकुला मार्ग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नदी-नालों और संवेदनशील ढलानों से दूर रहने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।

कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री

मौसम विभाग के रविवार सुबह दर्ज आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में 1.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ताबो में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री, कल्पा में 6.0 डिग्री, कुफरी में 8.3 डिग्री और मनाली में 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शिमला में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा। पालमपुर में 13.5 डिग्री, बजौरा में 13.8 डिग्री, भुंतर और सोलन में 14.0-14.0 डिग्री, जुब्बड़हट्टी और भरमौर में 15.0-15.0 डिग्री, चंबा में 16.4 डिग्री और सुंदरनगर में 16.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

देहरा गोपीपुर में न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री, नाहन और सराहन में 17.1-17.1 डिग्री, धर्मशाला में 17.4 डिग्री, मंडी में 17.6 डिग्री, कांगड़ा में 18.2 डिग्री, बरठीं में 18.7 डिग्री, नेरी में 19.3 डिग्री, ऊना में 19.4 डिग्री, बिलासपुर में 20.0 डिग्री और पांवटा साहिब में 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

12 से 15 अक्टूबर तक जिलावार येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से प्रदेश में अगले कई दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। 12 से 15 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों में अंधड़ चलने और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

12 अक्टूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 13 अक्टूबर को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में चेतावनी जारी की गई है। 14 अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 15 अक्टूबर को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में अंधड़ तथा बिजली गिरने की आशंका है।

इस दौरान मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश तथा ऊंचे पर्वतीय इलाकों में हिमपात होने का अनुमान है। 16 और 17 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इन दोनों दिनों के लिए फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा