हिमाचल में रेड अलर्ट के बीच बारिश जारी, कई जिलों में स्कूल बंद, भूस्खलन से सड़कें और एनएच प्रभावित
शिमला, 21 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून के बीच मंगलवार को भी कई इलाकों में लगातार बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और चम्बा जिलों के लिए आज अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में ओरेंज और येलो अलर्ट है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान चम्बा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, शिमला, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में फ्लैश फ्लड का जोखिम भी जताया है। राजधानी शिमला में बीती रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में लगातार दूसरे दिन भी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में मंगलवार को भी सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा शिमला जिले के ठियोग उपमंडल, कुल्लू जिले के आनी और निरमंड उपमंडलों तथा चम्बा जिले के चुराह और सलूणी उपमंडलों में भी सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, आंगनवाड़ी केंद्र और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने यह निर्णय विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए लिया है।
शिमला जिले के ठियोग उपमंडल में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है, जिससे 16 सड़कें बंद हो गई हैं। कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
जनजातीय जिला किन्नौर में दो अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। शलखर के पास अचानक पहाड़ी से मलबा आने से सड़क बंद हो गई, जबकि समदो के निकट काली डांक क्षेत्र में भारी चट्टानें गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके चलते काजा, स्पीति, पूह और रिकांगपिओ के बीच वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सड़क बहाल करने में जुटी हैं। यात्रियों से केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
चम्बा जिले में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। चुराह और सलूणी उपमंडलों में सभी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। जिले में शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी और चुवाड़ी-डलहौजी सड़कें बंद हैं। पांगी घाटी की शूण पंचायत के उडीन गांव में बादल फटने के बाद उफनते नाले के दूसरी ओर फंसे महिला और पुरुष श्रमिकों का राहत दल ने लोहे की सीढ़ी के सहारे सुरक्षित रेस्क्यू किया। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में कई नाले उफान पर हैं और आवाजाही प्रभावित हुई है।
सिरमौर जिले में भी रुक-रुक कर बारिश जारी है। रेड अलर्ट के बीच गिरी जटोंन बांध से पानी छोड़ा गया है। इसके मद्देनजर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता अलर्ट जारी किया गया है। जिले में मंगलवार को भी सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं।
कुल्लू जिले में भी सुबह से बारिश हो रही है। रेड अलर्ट के मद्देनजर आनी और निरमंड उपमंडलों के सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। मनाली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और बिना जरूरत यात्रा नहीं करने की अपील की है। कांगड़ा जिले में भी मंगलवार सुबह से कई स्थानों पर बारिश जारी है और जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

