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हिमाचल में दो दिन भारी बारिश की चेतावनी, 118 सड़कें अवरुद्ध

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हिमाचल में दो दिन भारी बारिश की चेतावनी, 118 सड़कें अवरुद्ध


शिमला, 16 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन मॉनसून के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 17 और 18 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 22 अगस्त तक प्रदेश में मॉनसून सक्रिय रहेगा और विभिन्न जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने 17 अगस्त के लिए बिलासपुर, चम्बा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर, ऊना और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

18 अगस्त को भी मौसम के तीखे तेवर बने रहने की संभावना है। इस दिन ऊना, चम्बा और कांगड़ा जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 19 से 22 अगस्त के बीच भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के धर्मशाला एडब्ल्यूएस में 110 मिलीमीटर और धर्मशाला में 100 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। पालमपुर और जोगिन्दरनगर में 50-50 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला सहित राज्य के कई इलाकों में रविवार को बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश का असर जनजीवन पर भी बना हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार रविवार दोपहर तक भूस्खलन और मलबा आने से प्रदेश में 118 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी जिले में सबसे अधिक 48 सड़कें अवरुद्ध रहीं। कुल्लू में 32, चम्बा में 11, सिरमौर में 8 और शिमला में 7 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी थीं।

बारिश के कारण पेयजल और बिजली सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। प्रदेश में 217 पेयजल योजनाएं और 55 बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। मंडी जिले के थुनाग, करसोग, बग्गी, मंडी, पद्धर और सुंदरनगर क्षेत्रों में 209 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं। वहीं बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। मंडी जिले के गोहर और करसोग क्षेत्रों में 12 ट्रांसफार्मर ठप रहे, जबकि शिमला जिले के रामपुर और चौपाल क्षेत्रों में 43 ट्रांसफार्मर बंद होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। राज्य में मानसून सीजन में अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 183 लोगों की मौत हुई है। मॉनसून से राज्य में सार्वजनिक संपति को 972 करोड़ का नुकसान हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा