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शिमला में तेज बारिश और ओलावृष्टि से थमी रफ्तार, ठंड लौटी

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शिमला में तेज बारिश और ओलावृष्टि से थमी रफ्तार, ठंड लौटी


शिमला, 30 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के अंतिम दिनों में मौसम के कड़े तेवर बने हुए हैं। राजधानी शिमला में गर्मियों के बीच ही मानसून जैसे हालात देखने को मिले। गुरुवार दोपहर से शुरू हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने शहर की रफ्तार थाम दी। शाम तक लगातार बारिश होती रही, जिससे सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को दफ्तरों व विद्यार्थियों को स्कूलों से घर लौटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

शिमला में इस सीजन की यह पहली इतनी तेज बारिश रही, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। रिज मैदान और माल रोड पर घूमने निकले सैलानी अचानक बदले मौसम से बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के बीच हुई बारिश के कारण बाजारों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रौनक गायब हो गई।

ऊपरी शिमला के कई इलाकों में ओलावृष्टि ने स्थिति और गंभीर बना दी। जुब्बल के बरथाटा, कोटखाई और कुफरी सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी ओले गिरे, जिससे सड़कों और रास्तों पर सफेदी छा गई। कई जगहों पर ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। इस ओलावृष्टि से सेब बागवानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस समय सेब के पौधों में फूल आने का दौर चल रहा है और ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस समय की बेमौसमी वर्षा-ओलावृष्टि से उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक जहां शिमला में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था, वहीं अब यह घटकर करीब 18 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंड बढ़ने के कारण लोगों को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है और अप्रैल के अंत में दिसंबर जैसी ठंड महसूस हो रही है।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का यही रुख देखने को मिला है। कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे खासकर मैदानी और निचले क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिली है। पिछले 24 घंटों के दौरान चंबा जिले के भटियात में 30 मिलीमीटर, सराहन में 28, सलूणी में 20 और मनाली में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। शिमला में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अन्य स्थानों पर भी तापमान में गिरावट देखी गई है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंडक बढ़ गई है और मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर कम हुआ है। जनजातीय क्षेत्र ताबो में न्यूनतम तापमान सबसे कम 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में मौसम बदला है और आगामी दिनों में भी ऐसा ही बना रह सकता है। विभाग ने 3 और 4 मई को कई जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 3 मई को लाहौल स्पीति व किन्नौर को छोड़कर 10 जिलों में आंधी-वर्षा व बिजली कड़कने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 मई को 5 जिलों चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला में येलो अलर्ट रहेगा। अनुमान है कि 6 मई तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है।

हाल के दिनों में जहां प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं अब इस बदलाव ने लोगों को बड़ी राहत दी है। हालांकि, शिमला और ऊपरी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने जहां ठंड लौटा दी है, वहीं जनजीवन और बागवानी पर इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा