हिमाचल में 7 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में येलो अलर्ट
शिमला, 01 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मॉनसून सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 7 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए अलग-अलग दिनों में कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।
शनिवार को राजधानी शिमला सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 50 मिलीमीटर वर्षा मंडी जिले के पंडोह में हुई। इसके अलावा चंबा के चुआड़ी और शिमला में 40-40 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला के सराहन, मंडी के सलापड़ और कटौला, जुब्बड़हट्टी, जोत, चंबा और कुफरी में 30-30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 3 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 4 अगस्त को चंबा और मंडी, जबकि 5 अगस्त को शिमला और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
लगातार हो रही बारिश का असर राज्य के सड़क नेटवर्क पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भूस्खलन और मलबा आने के कारण प्रदेश में 100 से अधिक सड़कें अब भी बंद हैं। इनमें सबसे अधिक सड़कें मंडी और कुल्लू जिलों में अवरुद्ध हैं, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें सड़कों को बहाल करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मॉनसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और जलभराव की घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने और बिना जरूरी काम के खराब मौसम में यात्रा से बचने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

