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हिमाचल में 10 सितंबर तक मौसम खराब, तीन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

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हिमाचल में 10 सितंबर तक मौसम खराब, तीन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट


शिमला, 04 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने पांच सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। छह से 10 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है।

प्रदेश की राजधानी शिमला सहित कई हिस्सों में शुक्रवार को रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन में 67, मंडी जिला के जोगिन्दरनगर में 57, हमीरपुर के नादौन में 52 और सिरमौर के जतौंन बैरेज में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है और सड़क, बिजली तथा पेयजल सेवाओं पर असर पड़ा है।

सिरमौर जिले में भारी बारिश के कारण नुकसान बढ़ गया है। बीते 36 घंटे में जल शक्ति विभाग को 67 लाख 90 हजार रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि लोक निर्माण विभाग को करीब दो करोड़ तीन लाख रुपये की क्षति हुई है। भारी बारिश के कारण जिले में कई जगह सड़कें प्रभावित हुई हैं।

नाहन-रेणुका मुख्य सड़क की बहाली का काम जारी है, लेकिन तीसरे दिन शुक्रवार को भी यह सड़क यातायात के लिए बंद है। नेहली-धीड़ा में भारी भूस्खलन के बाद सड़क पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। यहां यातायात को दूसरे मार्ग से डायवर्ट किया गया है। सड़क को खोलने के लिए संबंधित विभागों की ओर से काम जारी है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार सुबह तक प्रदेश में भूस्खलन और अन्य कारणों से कुल 102 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी जिले में सबसे अधिक 46 सड़कें प्रभावित हैं। कुल्लू में 22, सिरमौर में 11, कांगड़ा में आठ तथा शिमला और चंबा में तीन-तीन सड़कें बंद हैं। शेष प्रभावित सड़कें प्रदेश के अन्य हिस्सों में हैं।

बारिश से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में शुक्रवार सुबह तक 128 बिजली ट्रांसफार्मर बंद थे। इनमें सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में 84 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। चंबा के भटियात में 16 और शिमला जिले के चौपाल में 12 ट्रांसफार्मर बंद हैं। इससे इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।

बारिश का असर पेयजल योजनाओं पर भी पड़ा है। राज्य में पांच पेयजल योजनाएं बंद हैं। इनमें सोलन जिले के कसौली की तीन और शिमला जिले के रामपुर की दो पेयजल योजनाएं शामिल हैं।

इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से अब तक भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 266 लोगों की मौत हो चुकी है और 479 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। मृतकों में 158 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। वहीं 108 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में हुई है।

प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से प्रदेश में 465 मवेशियों की भी मौत हुई है। इस मानसून सीजन में 111 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 472 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 438 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं।

सरकारी आकलन के अनुसार मानसून सीजन में अब तक हिमाचल प्रदेश को करीब 1,235 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को करीब 946 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा