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(राउंड अप) हिमाचल में 27 जुलाई से भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट, भूस्खलन से 178 सड़कें बंद

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(राउंड अप) हिमाचल में 27 जुलाई से भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट, भूस्खलन से 178 सड़कें बंद


शिमला, 23 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह तक भारी बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। शिमला सहित राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। कुछ इलाकों में व्यापक बारिश हुई। लगातार बारिश से कई नदियां, खड्डें और बरसाती नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने 29 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए येलो और ओरेंज अलर्ट जारी किया है।

प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई को बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 25 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 जुलाई को मानसून के और सक्रिय होने की संभावना है। इस दिन कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि सोलन, चंबा और बिलासपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 27, 28 और 29 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों में बिलासपुर जिले के नैना देवी में 56.2 मिलीमीटर, मलरांव में 49.4 मिलीमीटर, कुल्लू के मनाली में 35.0 मिलीमीटर, शिमला के रामपुर में 30.3 मिलीमीटर, बिलासपुर के ब्रह्माणी में 29.4 मिलीमीटर, शिमला के सराहन में 28.7 मिलीमीटर, सिरमौर के नाहन में 27.8 मिलीमीटर, कुल्लू के कोठी में 26.0 मिलीमीटर, शिमला के रोहड़ू में 20.0 मिलीमीटर और खदराला में 19.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता पहले के मुकाबले कुछ कम रही, लेकिन लगातार बारिश से कई इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण 178 सड़कें बंद थीं। सबसे अधिक 71 सड़कें मंडी जिले में अवरुद्ध रहीं। कुल्लू में 36, सिरमौर में 29, चंबा में 16, शिमला में 14, कांगड़ा में छह और लाहौल-स्पीति में पांच सड़कें बंद रहीं। बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 141 ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इनमें सोलन में सबसे अधिक 70 ट्रांसफार्मर बंद रहे। कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र में 30, मंडी में 29 और शिमला में 10 ट्रांसफार्मर प्रभावित रहे। पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। प्रदेश में 188 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं, जिनमें अकेले चंबा जिले की 148 योजनाएं बंद हैं। संबंधित विभाग सड़कें खोलने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और पेयजल योजनाओं को फिर से चालू करने में जुटे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 24 से 26 जुलाई के दौरान मध्यवर्ती क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 27 जुलाई से बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। उन्होंने लोगों से नदी-नालों और खड्डों के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है, क्योंकि भारी बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। चंबा, मंडी, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। लगातार बारिश के कारण तापमान में भी हल्की गिरावट आई है। राज्य का औसतन अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में शिमला, सोलन और सिरमौर में दृश्यता कम रहने की भी संभावना जताई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा