हिमाचल में मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल, 5 अक्टूबर से फिर बारिश के आसार
शिमला, 30 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में हिमाचल प्रदेश सहित जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और देश के कुछ अन्य हिस्सों से मानसून की आगे की वापसी के लिए स्थितियां बन सकती हैं। मानसून ने राज्य में 30 जून को दस्तक दी थी।
इस बीच प्रदेश में अगले चार दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। बुधवार को राज्य के अधिकतर हिस्सों में धूप खिली रही। इससे मैदानी क्षेत्रों में उमस फिर बढ़ गई है। हालांकि न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण रातें हल्की ठंडी बनी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, एक से 4 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इसके बाद 5 और 6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आ सकता है। इस दौरान मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बना पश्चिमी विक्षोभ का चक्रवाती परिसंचरण अभी भी सक्रिय है और समुद्र तल से करीब 1.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच बना हुआ है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। शिमला जिले के रामपुर में 16 मिलीमीटर और खदराला में 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बुधवार को प्रदेश का न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। लाहौल-स्पीति जिले का ताबो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुकुमसेरी में 4.4 डिग्री, केलांग में 4.8 डिग्री और कल्पा में 7.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार दोपहर तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण 46 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी में 28, कांगड़ा में छह, कुल्लू में पांच, सिरमौर, ऊना और लाहौल-स्पीति में दो-दो तथा शिमला में एक सड़क शामिल है। प्रदेश में 44 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित थे। इनमें मंडी के गोहर में 29, किन्नौर में आठ, शिमला के रामपुर में छह और चंबा के तीसा में एक ट्रांसफार्मर शामिल है।
इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक प्रदेश में 374 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोग लापता हैं और 624 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 222 की जान सड़क हादसों में गई है, जबकि 152 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और बारिश से जुड़े अन्य हादसों में हुई हैं। मानसून के दौरान 881 मवेशियों की भी मौत हुई है। इसओ राज्य में करीब 3,220 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। इस दौरान 148 मकान पूरी तरह और 534 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 18 दुकानें, छह घराट और 499 पशुशालाएं भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों को हुए नुकसान से करीब 2,744 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

