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(राउंड अप) हिमाचल में भारी बारिश का कहर, चंबा सबसे ज्यादा प्रभावित, दो दिन ऑरेंज अलर्ट, 179 सड़कें बंद

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(राउंड अप) हिमाचल में भारी बारिश का कहर, चंबा सबसे ज्यादा प्रभावित, दो दिन ऑरेंज अलर्ट, 179 सड़कें बंद


शिमला, 28 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में ओरेंज अलर्ट के बीच हुई व्यापक बारिश का जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। चम्बा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां कई घर भूस्खलन व फ्लैश फ्लड की चपेट में आये। बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 140 मिलीमीटर बारिश चंबा जिले के जोत में दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर के नैना देवी में 120 मिमी, चंबा के चुआड़ी में 110 मिमी, मंडी के कटौला में 90 मिमी, मुरारी देवी में 80 मिमी, कांगड़ा के घमरूरू और शिमला में 60-60 मिमी तथा बिलासपुर के ब्राह्मणी और ऊना में 50-50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

राजधानी शिमला में सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक तेज बारिश हुई। कार्ट रोड पर कांग्रेस कार्यालय के आगे भूस्खलन होने से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही, हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। दिन में बालूगंज-चक्कर सड़क पर एक सूखा पेड़ गिरने से यातायात कुछ देर बाधित रहा। दिन के समय बारिश नहीं होने से लोगों को कुछ राहत मिली।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने, नदियों-नालों से दूरी बनाए रखने, जलभराव वाले इलाकों से बचने, यातायात सलाह का पालन करने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है।

दो दिन ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में येलो अलर्ट, सिरमौर के जिला मुख्यालय नाहन में बुधवार को शिक्षण संस्थान बंद

मौसम विभाग ने 29 और 30 जुलाई को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 29 जुलाई को सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 30 जुलाई को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन में येलो अलर्ट रहेगा। 31 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। एक अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम की संभावना को देखते हुए सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में 29 जुलाई को सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश एसडीएम राजीव सांख्यान ने जारी किए हैं। इससे पहले मंगलवार को पांवटा साहिब उपमंडल में भी शिक्षण संस्थान बंद रहे थे। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

चंबा में सबसे ज्यादा तबाही, घरों-दुकानों में घुसा मलबा

बारिश का सबसे अधिक असर चंबा जिले में देखने को मिला। जिले में कई स्थानों पर फ्लैश फ्लड जैसे हालात बने। चंबा शहर के सुल्तानपुर मोहल्ले में कई घरों और दुकानों में पानी और मलबा घुस गया। कई परिवारों को रात में सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कुछ मकानों पर बड़े पत्थर गिरे और सड़क किनारे खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन के अनुसार 28 मकान और एक दुकान को नुकसान पहुंचा है। पक्काटाला-चंबा संपर्क मार्ग पर रिटेनिंग वॉल गिरने से पास स्थित स्कूल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। सोमवार रात परेल के पास चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाले में अचानक भारी पानी आने से कई वाहन उसकी चपेट में आ गए। कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए और मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। सड़क बहाली का काम जारी है।

179 सड़कें बंद, बिजली और पेयजल सेवाएं भी प्रभावित

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की मंगलवार शाम तक की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में भूस्खलन के कारण 179 सड़कें बंद हैं। सबसे अधिक 58 सड़कें मंडी में बंद हैं। कुल्लू में 42, चंबा में 30, सिरमौर में 26 और शिमला में 17 सड़कें बंद हैं। प्रदेश में 62 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। इनमें चंबा के 41 और मंडी के 16 ट्रांसफार्मर शामिल हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। इसके साथ ही 107 पेयजल योजनाएं भी बंद हैं। इनमें चंबा की 50, सिरमौर की 26 और हमीरपुर की 23 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा