हिमाचल में चार दिन मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 129 सड़कें बंद
शिमला, 09 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता बनी हुई है। राज्य में अगले छह दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने 10 और 11 अगस्त के साथ 14 और 15 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन चार दिनों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। 12 और 13 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज कुछ स्थानों पर मौसम खराब रह सकता है। आज राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ नहीं है। कहीं बादल छाए हैं तो कहीं बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश की गतिविधि में कमी आई है, हालांकि कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
इस अवधि में सिरमौर के पांवटा साहिब में सबसे अधिक 38.2 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला जिले के सराहन में 25.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के घमरूर में 5.6 मिलीमीटर, धर्मशाला में 3.1 मिलीमीटर, चंबा के जोत में 2.8 मिलीमीटर और लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में भी 2.8 मिलीमीटर बारिश हुई। कांगड़ा के देहरा गोपीपुर में 2.3 मिलीमीटर, शिमला के कोटखाई में 2.3 मिलीमीटर और जुब्बड़हट्टी में 1.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राज्य में बारिश के कारण भूस्खलन से सड़कें बंद होने का सिलसिला जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार रविवार सुबह तक प्रदेश में 129 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा तीन बिजली ट्रांसफार्मर और नौ पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी में सबसे अधिक 60 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 42, शिमला में 10, सोलन में छह, कांगड़ा में पांच तथा चंबा और ऊना में तीन-तीन सड़कें बंद हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 10 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश कुछ स्थानों पर हो सकती है। 11 अगस्त को भी यही स्थिति रहने का अनुमान है। 12 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 13 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 14 और 15 अगस्त को फिर भारी से बहुत भारी बारिश कुछ स्थानों पर होने का पूर्वानुमान है। इस तरह 10, 11, 14 और 15 अगस्त को बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट वाली स्थिति रहेगी।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को नदी-नालों और खड्डों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। नदी और नालों में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है, इसलिए इनके आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
इस बीच, हिमाचल में इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 152 लोगों की मौत हो चुकी है। मानसून 30 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के 8 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

