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हिमाचल प्रदेश में गर्मी का कहर, पारा 41 डिग्री पार, आंधी-बारिश की चेतावनी

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हिमाचल प्रदेश में गर्मी का कहर, पारा 41 डिग्री पार, आंधी-बारिश की चेतावनी


शिमला, 24 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और अप्रैल के आखिर में ही तापमान ने लोगों को बेहाल कर दिया है। राज्य के निचले और मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश इतनी तेज हो गई है कि लोगों का दिन में घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है।

सबसे ज्यादा गर्मी ऊना में दर्ज की गई, जहां तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और यह सामान्य से करीब 6 डिग्री ज्यादा रहा। इसके अलावा कांगड़ा में 37.1 डिग्री, सुंदरनगर में 36.3 डिग्री, मंडी में 36.2 डिग्री, बरठीं में 35.7 डिग्री, नाहन में 35.1 डिग्री, भुंतर में 34.5 डिग्री और सोलन में 33.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पहाड़ी और पर्यटन स्थलों में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। शिमला में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री और मनाली में 26.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि कल्पा में 24.5 डिग्री और ताबो में 21.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। पूरे प्रदेश का औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है।

गर्मी के इस बढ़ते असर का असर आम जनजीवन पर भी दिखने लगा है। शिमला जैसे हिल स्टेशन में भी लोग धूप से बचने के लिए छाते और टोपी का सहारा लेते नजर आ रहे हैं, जबकि निचले इलाकों में दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और बिजली व पानी की मांग भी बढ़ने लगी है।

हालांकि मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। 25 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज के साथ आंधी-तूफान चलने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। मध्य पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश या हल्की बर्फबारी भी संभव है।

इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। 28 अप्रैल से फिर मौसम करवट लेगा और कई इलाकों में दोबारा आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। 29 और 30 अप्रैल को भी इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है, जिसमें कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जैसे जिलों में 25 और 28 अप्रैल के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, जहां तेज हवाओं और बिजली गिरने से नुकसान का खतरा रह सकता है। वहीं ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जैसे जिलों में ज्यादातर दिनों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा