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हिमाचल में 10 नवंबर से बदलेगा मौसम, पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

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हिमाचल में 10 नवंबर से बदलेगा मौसम, पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार


शिमला, 05 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान है। इसके बाद 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 9 नवंबर तक प्रदेश में कहीं भी बारिश या बर्फबारी के आसार नहीं हैं। वहीं, 10 और 11 नवंबर को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान मध्य पर्वतीय इलाकों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। मौसम में इस बदलाव का असर खासकर उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। उधर, प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चार दिन साफ रहेगा मौसम, फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार हिमाचल प्रदेश में नौ नवंबर तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इस अवधि में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि, 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आ सकता है। इसका असर अगले दो दिन यानी 10 और 11 नवंबर को अधिक रहने का अनुमान है।

इस दौरान प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाने और मौसम खराब रहने की संभावना है। इसके विपरीत ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और अन्य मैदानी इलाकों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान है। फिलहाल मौसम विभाग ने इन तारीखों के दौरान व्यापक बारिश या भारी बर्फबारी का संकेत नहीं दिया है।

लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू में हिमपात के आसार

10 और 11 नवंबर को संभावित बर्फबारी का असर प्रदेश के चार जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इनमें लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के ऊंचे इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पहले भी अक्टूबर के अंतिम दिनों में बर्फबारी हो चुकी है।

अक्टूबर के आखिरी दिनों में लाहौल-स्पीति और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात दर्ज किया गया था। शिमला जिले की ऊंची चोटी चांशल में भी बर्फबारी हुई थी। ऐसे में नवंबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ऊंचे पहाड़ों पर एक बार फिर बर्फ की परत जमने की संभावना बन रही है।

पहाड़ों में बादलों और धूप की आंखमिचौली, मैदानों में तेज धूप

प्रदेश में गुरुवार को मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिला। राजधानी शिमला सहित दूसरे पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह से बादलों और धूप के बीच आंखमिचौली चलती रही। आसमान में बादल छाने के साथ बीच-बीच में धूप भी खिलती रही।

दूसरी ओर, प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम साफ बना हुआ है। यहां दिन के समय तेज धूप निकलने से गर्मी और उमस महसूस की जा रही है। हालांकि, दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है। दिन में धूप के कारण गर्मी महसूस होती है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास बढ़ रहा है। रात के तापमान में लगातार गिरावट से प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में सर्दी का असर तेज होने लगा है।

कुकुमसेरी में माइनस 1.8 डिग्री पहुंचा पारा

प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 1.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद ताबो में 0.3 डिग्री और केलोंग में 0.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। इससे साफ है कि जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात के समय ठंड बढ़ गई है।

पांवटा साहिब में सबसे अधिक 18 डिग्री न्यूनतम तापमान

प्रदेश के अलग-अलग शहरों और मौसम केंद्रों में न्यूनतम तापमान में काफी अंतर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पांवटा साहिब में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक 18.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके विपरीत कुकुमसेरी में पारा शून्य से नीचे दर्ज किया गया।

अन्य प्रमुख स्थानों की बात करें तो कल्पा में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री, मनाली में 5.8 डिग्री, सेओबाग में 6.7 डिग्री, बजौरा में 7.3 डिग्री और भुंतर में 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सोलन में न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री, कुफरी में 9.0 डिग्री, सुंदरनगर, चंबा और बरठीं में 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। पालमपुर में 10.2 डिग्री, मंडी में 10.8 डिग्री और बिलासपुर में 11.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा। कांगड़ा में यह 11.8 डिग्री और भरमौर में 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धर्मशाला में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री रहा, जबकि ऊना, नाहन और जुब्बड़हट्टी में 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। देहरा गोपीपुर में न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री, नेरी में 15.7 डिग्री और सराहन में 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा