home page

हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी से कई जगह बिजली गुल, पहली अक्टूबर से खुलेगा मौसम

 | 
हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी से कई जगह बिजली गुल, पहली अक्टूबर से खुलेगा मौसम


शिमला, 27 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीते 24 घंटों के दौरान बारिश हुई, जबकि ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने रविवार को सिरमौर समेत आठ जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। 28 सितंबर को भी शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 29 और 30 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं है और एक से तीन अक्टूबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। इसी दौरान राज्य से मानसून की विदाई की घोषणा हो सकती है। बारिश और आंधी के कारण प्रदेश में 62 सड़कें बंद हैं और 277 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 369 लोगों की मौत हो चुकी है और प्रदेश को करीब 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

किन्नौर में सीजन की पहली बर्फबारी, तापमान गिरा

जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक बर्फबारी होने से ठंड बढ़ गई है। प्रदेश के अन्य ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भी हल्की बर्फबारी हुई है। किन्नौर के कल्पा में रविवार को न्यूनतम तापमान करीब छह डिग्री गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यह राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा। ताबो में न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री और कुकुमसेरी में 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री, कुफरी में 9.8 डिग्री और मनाली में 15.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में किन्नौर के सांगला में सबसे अधिक 66 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कल्पा में 45 मिलीमीटर और पूह में 31 मिलीमीटर बारिश हुई। सिरमौर के राजगढ़ में 26 मिलीमीटर और शिमला के सराहन में 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार सुबह से बादल छाए रहे। किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी का दौर जारी है।

आठ जिलों में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आठ जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा। 29 और 30 सितंबर को किसी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। एक से तीन अक्टूबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और मानसून की बची हुई सक्रियता के कारण प्रदेश में मौसम बदला है। मानसून अब अंतिम चरण में है और आने वाले दिनों में प्रदेश से इसकी विदाई हो सकती है।

62 सड़कें बंद, 277 ट्रांसफार्मर प्रभावित

बीती रात आंधी और बारिश के कारण प्रदेश में कई जगह सड़क और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार रविवार सुबह तक भूस्खलन के कारण 62 सड़कें बंद थीं। इनमें लाहौल-स्पीति में 25, मंडी में 19 तथा कुल्लू और कांगड़ा में छह-छह सड़कें शामिल हैं।

प्रदेश में 277 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। किन्नौर में सबसे अधिक 77 ट्रांसफार्मर बाधित हैं। शिमला जिले के रामपुर में 68, मंडी के गोहर में 61, सिरमौर के पांवटा साहिब और राजगढ़ में 58 तथा कुल्लू के आनी में 13 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। इससे इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।

बारिश से जुड़े हादसों में 369 लोगों की मौत

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 369 लोगों की मौत हुई है। चार लोग लापता हैं और 615 लोग घायल हुए हैं। शिमला में सबसे अधिक 56 मौतें दर्ज की गई हैं। कांगड़ा और चंबा में 45-45, सिरमौर में 42, मंडी में 37, कुल्लू में 33, लाहौल-स्पीति में 25, सोलन और ऊना में 24-24, किन्नौर में 19, हमीरपुर में 10 और बिलासपुर में नौ लोगों की जान गई है।

इनमें 220 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। वहीं 149 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और बारिश से जुड़े अन्य हादसों में हुई है। मानसून के दौरान 579 मवेशियों की भी मौत हुई है।

मानसून से 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान

राज्य में मानसून के दौरान 144 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 527 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 18 दुकानें, छह घराट और 497 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य में चल और अचल संपत्ति को कुल 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों को हुए नुकसान के कारण 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा