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हिमाचल में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश, 24 जुलाई तक अलर्ट

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हिमाचल में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश, 24 जुलाई तक अलर्ट


शिमला, 18 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीती रात जारी मौसम अलर्ट के बीच कांगड़ा और चंबा जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। सबसे अधिक 137 मिलीमीटर बारिश कांगड़ा जिले के धर्मशाला एडब्ल्यूएस केंद्र में दर्ज की गई। चंबा जिले के जोत में 109 मिलीमीटर, कांगड़ा में 77.4 मिलीमीटर, धर्मशाला में 65.5 मिलीमीटर और पालमपुर में 38 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कांगड़ा और जोत क्षेत्र में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।

खास बात यह रही कि कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला में इस मॉनसून सीजन के दौरान पहली बार व्यापक स्तर पर तेज बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना हुआ है। शिमला में सुबह से बादल छाए हैं। पिछले कुछ दिनों से शिमला सहित राज्य के मध्यवर्ती और पर्वतीय इलाकों में मॉनसून कमजोर पड़ने से अच्छी बारिश नहीं हुई थी, जिससे इन क्षेत्रों में हल्की उमस महसूस की जा रही है।

19 से 23 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने 18 जुलाई से 24 जुलाई तक पूरे प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है। विभाग के दैनिक पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार 18 जुलाई और 24 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। वहीं 19, 20, 21 और 22 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 23 जुलाई को भी भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट रहेगा। विभाग का कहना है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़, छोटे नालों के उफान पर आने और सड़कें बाधित होने जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, अतिरिक्त सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मॉनसूनी प्रणाली के प्रभाव से अगले कुछ दिन प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।

लाहौल स्पीति के रंगवे नाले में अचानक आई बाढ़ से सड़क बंद, सुबह बहाल हुई आवाजाही

उधर, लाहौल स्पीति जिला के रंगवे नाले में बीते रोज अचानक आई बाढ़ के कारण तांदी–उदयपुर–तिंदी सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गई थी। नाले में जलस्तर बढ़ने और मलबा आने से सड़क अवरुद्ध हो गई थी। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटाकर देर शाम मार्ग बहाल कर दिया। हालांकि रात के समय जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रंगवे नाले से वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी और लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की। शनिवार सुबह पानी का बहाव सामान्य होने के बाद सड़क सभी प्रकार के वाहनों के लिए फिर खोल दी गई। सड़क बहाल होने से स्थानीय लोगों के साथ पट्टन घाटी के किसानों को भी राहत मिली। इन दिनों घाटी से आलू, मटर, गोभी और ब्रोकली जैसी नकदी फसलें मंडियों तक भेजी जा रही हैं। सड़क बंद रहने से किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी थी।

कुकुमसेरी सबसे ठंडा, शिमला में 18 डिग्री दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान लाहौल स्पीति जिला के कुकुमसेरी में 12.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद नारकंडा में 14.2 डिग्री, केलांग में 15.0 डिग्री, कल्पा में 17.0 डिग्री, शिमला में 18.0 डिग्री, कसौली में 19.8 डिग्री, पालमपुर में 20.0 डिग्री, सोलन में 21.0 डिग्री और मनाली में 21.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा