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हिमाचल में 21 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, गिरी जटोन बांध से छोड़ा गया पानी

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हिमाचल में 21 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, गिरी जटोन बांध से छोड़ा गया पानी


शिमला, 18 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 21 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के बीच सिरमौर जिले में स्थित गिरी जटोन बांध का जलस्तर बढ़ने पर बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। इसे देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आज मंगलवार को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने 19, 20 और 21 अगस्त को भी प्रदेश के कई भागों में भारी वर्षा की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी रखा है। 22 से 24 अगस्त के दौरान भी बारिश होने के आसार हैं, हालांकि इन दिनों के लिए किसी प्रकार का चेतावनी अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कुल्लू जिले के कोठी में सबसे अधिक 71 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा धर्मशाला और कसौली में 52-52 मिलीमीटर, काहू में 47 मिलीमीटर, नाहन में 46 मिलीमीटर और चंबा जिले के जोत क्षेत्र में 45 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार सुबह तक प्रदेश में 105 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी जिले में 39, कुल्लू में 33, सिरमौर में 9, चंबा में 7 तथा शिमला और कांगड़ा में 6-6 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 36 बिजली ट्रांसफार्मर और 15 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

शिमला जिले में सबसे अधिक असर चौपाल क्षेत्र में देखा गया है, जहां 22 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। ठियोग, रामपुर और चौपाल क्षेत्रों में कुल आठ पेयजल योजनाएं बाधित हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस मॉनसून सीजन में प्रदेश को भारी जनधन हानि उठानी पड़ी है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार 30 जून से अब तक बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और अन्य आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में 196 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 299 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में 85 घर पूरी तरह नष्ट हुए हैं। इसके अलावा 312 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 14 दुकानें और 270 पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त या नष्ट हुई हैं।

मॉनसून से अब तक प्रदेश को करीब 994 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सबसे अधिक 744 करोड़ रुपये की क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा