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हिमाचल में 13 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी, भूस्खलन से 145 सड़कें अवरुद्ध

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हिमाचल में 13 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी, भूस्खलन से 145 सड़कें अवरुद्ध


शिमला, 07 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून पूरे जोर पर है और मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक राहत की कोई संभावना नहीं जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 13 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसे देखते हुए अलग-अलग दिनों के लिए येलो और ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 और 11 अगस्त को बारिश सबसे अधिक तेज रह सकती है। इन दो दिनों के लिए कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखने लगा है। भूस्खलन के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है, कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है और पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 9 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। 10 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते ओरेंज अलर्ट रहेगा। इसी दिन ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला, सोलन और किन्नौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में ओरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट रहेगा। 12 और 13 अगस्त को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला और जोगिंदरनगर में 80-80 मिलीमीटर वर्षा हुई। मंडी, कंडाघाट और जतौन बैराज में 60-60 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला, गग्गल, जुब्बड़हट्टी और रेणुका में 50-50 मिलीमीटर वर्षा हुई। शुक्रवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रही। राजधानी शिमला में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक तेज बारिश हुई। मनाली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से लगातार वर्षा होने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कुल्लू जिले में भी रात से लगातार झमाझम बारिश हो रही है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है।

लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों ने लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बारिश के बीच गर्मी से लोगों को राहत मिली है और खेती-बाड़ी की फसलों के लिए भी यह वर्षा लाभदायक मानी जा रही है। उधर मंडी जिले में द्वाडा से थलोट के बीच पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर बारिश रुकने तक यातायात रोक दिया गया।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार सुबह तक भूस्खलन और अन्य कारणों से प्रदेश में 145 सड़कें बंद थीं। इनमें सबसे अधिक 66 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। कुल्लू में 31, सिरमौर में 28, शिमला में 12, कांगड़ा में 5, ऊना में 2 और किन्नौर में 1 सड़क पर यातायात प्रभावित है। प्रदेश में 224 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। सबसे अधिक 182 ट्रांसफार्मर मंडी जिले में ठप हैं। कुल्लू में 31, शिमला के रामपुर और चौपाल क्षेत्र में 7, सोलन में 3 और चंबा के भटियात क्षेत्र में 1 ट्रांसफार्मर प्रभावित है। इसके अलावा 14 पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं। इनमें हमीरपुर के बड़सर क्षेत्र में 9 तथा शिमला के ठियोग और चौपाल क्षेत्र में 5 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा