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हिमाचल के 5 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 16 मई तक बिगड़ा रहेगा मौसम

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हिमाचल के 5 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 16 मई तक बिगड़ा रहेगा मौसम


शिमला, 12 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे यानी 13 मई को राज्य के पांच जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने को लेकर ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंबा और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। विभाग के अनुसार इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक 14 और 15 मई को भी इन पांचों जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा। 16 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में खराब मौसम का येलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 17 और 18 मई को प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।

शिमला में मंगलवार को मौसम मिला-जुला बना रहा। दिनभर कभी धूप खिली तो कभी बादलों की आवाजाही रही। राज्य के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाएं भी दर्ज की गईं। बीते 24 घंटों के दौरान सलूणी में 15 मिमी, भरमौर में 12 मिमी, पालमपुर और गोंदला में 10-10 मिमी तथा छतराड़ी और धौलाकुआं में 7-7 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। कांगड़ा, जोत और भुंतर में बिजली चमकने की घटनाएं सामने आईं, जबकि सियोबाग क्षेत्र में तेज आंधी चली। मौसम के इस मिजाज से राज्य के निचले इलाकों में गर्मी से राहत मिल रही है, तो पहाड़ी इलाकों में ठंड का अहसास हो रहा है।

प्रदेश के विभिन्न शहरों के न्यूनतम तापमान पर नजर डालें तो केलांग में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री, कुकुमसेरी 4.3, ताबो 5.5, भरमौर 6.0, कल्पा 7.6, सराहन 11.8, मनाली 12.2, कुफरी-फागू 12.2, डलहौजी 12.7, धर्मशाला 13.4, सोलन 15.0, भुंतर 15.2, शिमला 15.5, नाहन 15.7, पालमपुर 16.0, सुंदरनगर 17.4, जुब्बड़हट्टी 17.5, चंबा 17.6, बरठीं 18.7, कांगड़ा और मंडी 19.2-19.2, बिलासपुर 20.0, ऊना 20.5, देहरा गोपीपुर 21.0 और पांवटा साहिब में सबसे अधिक 24.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।

इस बीच प्रदेश में लगातार बदलते मौसम का असर खेती और बागवानी पर भी पड़ रहा है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से गेहूं की कटी फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि सेब और अन्य गुठलीदार फलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। कई क्षेत्रों में फल झड़ने और फसलों के खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा