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हिमाचल विधानसभा : शून्य काल में उठे कॉलेजों में खाली पद, बस रूट, सड़कों की गुणवत्ता और आपदा से हुए नुकसान के मुद्दे

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हिमाचल विधानसभा : शून्य काल में उठे कॉलेजों में खाली पद, बस रूट, सड़कों की गुणवत्ता और आपदा से हुए नुकसान के मुद्दे


शिमला, 28 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शनिवार को शून्य काल में विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े कई अहम स्थानीय मुद्दे सदन में उठाए। इन मुद्दों में कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पद, असाध्य रोगियों के लिए नीति, बंद बस रूट, सड़कों की गुणवत्ता, स्कूलों में स्टाफ की कमी और आपदा से हुए नुकसान जैसे विषय प्रमुख रहे।

भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार और सैंज कॉलेजों में शिक्षकों के लंबे समय से खाली पड़े पदों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इन कॉलेजों में कई विषयों के प्राध्यापकों के पद पिछले तीन वर्षों से खाली हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से इन पदों को तुरंत भरने की मांग की। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जवाब दिया कि सरकार जल्द ही शिक्षकों के 400 पद भरने जा रही है और अप्रैल से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। तब तक युक्तिकरण के माध्यम से खाली पदों को भरने का प्रयास किया जाएगा।

विधायक सुदर्शन बबलू ने अपने क्षेत्र में बिजली विभाग के एक अधिकारी के लोगों के साथ ठीक व्यवहार न करने का मुद्दा उठाया। वहीं विधायक सुरेश कुमार ने भोरंज क्षेत्र में कोरोना काल से बंद पड़े एचआरटीसी बस रूटों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कई बस रूट बंद होने से स्कूली और कॉलेज छात्रों सहित आम लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक दीप राज ने मेलों के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों द्वारा लगाई जा रही दुकानों से स्थानीय व्यापारियों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बाहरी व्यापारी सस्ता सामान बेचते हैं और कई बार टैक्स भी नहीं देते, जिससे प्रदेश के व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस संबंध में नीति बनाने की मांग की।

विधायक त्रिलोक जम्बाल ने वर्ष 2023 की आपदा के बाद बनाई जा रही सड़कों और लगाए जा रहे ढंगों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में ठेकेदार गुणवत्ता का ध्यान नहीं रख रहे हैं और इसकी जांच करवाई जानी चाहिए। इस पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़कों और ढंगों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार नई ड्रेनेज पॉलिसी लेकर आई है, जिसके तहत अब बॉक्स कलवर्ट लगाए जाएंगे ताकि पानी की बेहतर निकासी हो सके।

विधायक केवल सिंह पठानिया ने धर्मशाला और शाहपुर के बीच बारिश के कारण बंद हुए वैकल्पिक सड़क मार्ग को तुरंत बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसी मार्ग से बड़ी संख्या में पर्यटक मैकलोडगंज जाते हैं और मार्ग बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस पर लोक निर्माण मंत्री ने अधिकारियों से बात कर जल्द समाधान का भरोसा दिया।

विधायक अनिरुद्ध राणा ने अपने क्षेत्र के 15 स्कूलों को प्रिंसिपल के अधीन किए जाने का मामला उठाया और कहा कि इससे स्कूलों में स्टाफ की कमी और संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने जेबीटी शिक्षकों को पहले जैसी शक्तियां देने की मांग की। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।

विधायक हरदीप सिंह बाबा ने आपदाओं के कारण गिरे चीड़ के पेड़ों का मामला उठाते हुए कहा कि वन निगम को इन पेड़ों की मार्किंग कर उन्हें अपने कब्जे में लेना चाहिए ताकि वन संपदा की चोरी रोकी जा सके। इसके अलावा विधायक राम कुमार, मलेंद्र राजन और जे आर कटवाल ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा