हिमाचल की जेलों में क्षमता से 30 फीसदी अधिक कैदी
शिमला, 24 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की जेलों में निर्धारित क्षमता से करीब 30 फीसदी अधिक कैदी बंद हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश की 14 जेलों में कुल 3,355 कैदी और बंदी हैं, जबकि इन जेलों की स्वीकृत क्षमता 2,580 है। इनमें 1,113 सजायाफ्ता कैदी, 2,203 विचाराधीन कैदी और 39 सिविल या निवारक हिरासत में रखे गए लोग शामिल हैं।
प्रदेश की प्रमुख जेलों में भी क्षमता से अधिक कैदी हैं। मॉडल सेंट्रल जेल नाहन में 471 की क्षमता के मुकाबले 553 कैदी बंद हैं। इसी तरह शिमला की मॉडल सेंट्रल जेल कंडा में 438 की क्षमता के मुकाबले 530 कैदी हैं। धर्मशाला स्थित जिला एवं ओपन होम में 355 की स्वीकृत क्षमता के मुकाबले 552 कैदी रखे गए हैं।
सरकार ने विधानसभा में यह भी स्पष्ट किया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत सजा काट रहे कैदियों को मौजूदा प्रावधानों के तहत ओपन एयर जेल में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। प्रदेश में अलग से हाई सिक्योरिटी जेल बनाने के सवाल पर सरकार ने कहा कि इस संबंध में उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।
विधानसभा में भाजपा विधायक विनोद कुमार के एक अन्य सवाल के जवाब में कैंसर के इलाज से जुड़ा आंकड़ा भी सामने आया। सरकार के अनुसार जनवरी 2023 से 10 अगस्त 2026 तक हिमाचल प्रदेश के सरकारी और निजी आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालयों तथा अस्पतालों में 84,162 कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2023 में 2,380 कैंसर मरीज थे। वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 2,443 रही, जबकि वर्ष 2025 में 744 मरीज दर्ज किए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

