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तीन साल में हिमाचल से 1534 लोग लापता, अंग तस्करी गिरोह का कोई मामला नहीं : मुख्यमंत्री सुक्खू

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तीन साल में हिमाचल से 1534 लोग लापता, अंग तस्करी गिरोह का कोई मामला नहीं : मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 27 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 31 जनवरी 2026 तक कुल 1534 लोगों के लापता होने के मामले सामने आए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा में लिखित जवाब में दी। उन्होंने कहा कि राज्य में रहस्यमय परिस्थितियों में लोगों के लापता होने की घटनाओं के बावजूद अब तक मानव अंगों की तस्करी या किसी ऐसे गिरोह के सक्रिय होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के प्रश्न के उत्तर में बताया कि लापता लोगों के मामलों में कुछ सीमावर्ती जिलों में बढ़ोतरी देखी गई है। इनमें हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा और मंडी के साथ-साथ सोलन, कांगड़ा और ऊना जिले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक 255 लोग सोलन जिले से लापता हुए, जबकि मंडी से 223, कांगड़ा से 200, शिमला से 186, सिरमौर से 121, हमीरपुर से 117, कुल्लू से 104, ऊना से 103, चंबा से 98 और बिलासपुर से 75 लोग लापता दर्ज किए गए हैं।

इस बीच विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने बताया कि राज्य में हिमकेयर योजना के तहत 4.33 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि सहारा योजना के तहत 37,819 लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने भाजपा विधायकों जीत राम कटवाल और लोकेंद्र कुमार के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि हिमकेयर योजना से जुड़े अस्पतालों के पास फिलहाल 391.27 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित हैं।

उन्होंने बताया कि हिमकेयर योजना के तहत उन कम आय वर्ग के लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं, जो आयुष्मान भारत या जन आरोग्य योजना के दायरे में नहीं आते। वहीं सहारा योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में 31 जनवरी 2026 तक हिमकेयर योजना में 2,23,282 नए परिवार जोड़े गए हैं, जबकि सहारा योजना में 13,384 नए लाभार्थियों को शामिल किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा