पौधारोपण करने वाले उद्यमियों को मिलेगा जमीन का पैच : मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला, 25 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जो उद्यमी प्रदेश में पौधारोपण के लिए आगे आएंगे, उन्हें सरकार राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत जमीन का एक पैच उपलब्ध कराएगी। उन्होंने यह जानकारी विधायक सुखराम चौधरी के अनुपूरक सवाल के जवाब में दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उद्यमी केवल पौधे लगाएंगे ही नहीं, उनके संरक्षण और सर्वाइवल रेट बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। उन्होंने बताया कि यदि उद्यमी वर्ष 2030 तक प्रदेश में वन क्षेत्र को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने में सरकार की मदद करते हैं, तो सरकार नई व्यवस्था के तहत उन्हें जंगल लगाने के लिए कार्बन क्रेडिट देने पर भी विचार करेगी।
इससे पहले मूल सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान वनों के संरक्षण के लिए 8.88 लाख पौधों का रोपण किया गया, जिस पर 53 करोड़ 4 लाख 69 हजार 728 रुपये खर्च किए गए। वहीं वर्ष 2025-26 में वनों के संरक्षण के लिए 6 करोड़ रुपये और पौधारोपण के लिए 26 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले दो वर्षों के दौरान राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत कोई पौधारोपण नहीं किया गया था, क्योंकि यह योजना वर्ष 2025-26 में ही लागू की गई है। योजना लागू होने के बाद 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में 285 महिला मंडलों, 70 युवक मंडलों, 13 सामुदायिक समूहों और 59 अन्य स्वयं सहायता समूहों ने 878 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण किया है। इस कार्य पर लगभग 13 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त योजना के तहत अभी तक किसी अन्य प्रकार की अतिरिक्त सहायता प्रदान नहीं की गई है, लेकिन सरकार वन क्षेत्र बढ़ाने और पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए आगे भी प्रयास जारी रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

