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तीन साल में केंद्र से हिमाचल को 11,735 करोड़ रुपये मिले : मुख्यमंत्री सुक्खू

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तीन साल में केंद्र से हिमाचल को 11,735 करोड़ रुपये मिले : मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 28 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान शनिवार को केंद्र सरकार से राज्य को मिली आर्थिक सहायता को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन को बताया कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार से प्रदेश को विभिन्न मदों के तहत कुल 11,735 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी विधानसभा क्षेत्रों का समान विकास करना है और पूरे प्रदेश के विकास के लिए उनका “दिल खुला” है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र से मिली राशि में राजस्व घाटा अनुदान के तहत 2,714 करोड़ रुपये, राज्य आपदा राहत फंड के तहत 398 करोड़ रुपये, राज्य आपदा प्रबंधन फंड तहत 50 करोड़ रुपये, स्थानीय निकायों के लिए 734 करोड़ रुपये और केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत 4,062 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के तहत 1,056 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन फंड 1,232 करोड़ रुपये, केंद्र से ऋण एवं अग्रिम राशि के रूप में 2,545 करोड़ रुपये, सामान्य EAP के तहत 117 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत 2,428 करोड़ रुपये मिले हैं।

मुख्यमंत्री यह जानकारी भाजपा विधायकों विनोद कुमार, रणधीर शर्मा और सुधीर शर्मा के संयुक्त प्रश्न के जवाब में दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के तहत जिन विधायकों की सीमा (लिमिट) शेष है, उनकी प्राथमिकताओं के अनुसार कार्य किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि नाबार्ड की लिमिट 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 225 करोड़ रुपये कर दी गई है।

इस दौरान भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने अनुपूरक प्रश्न में अपने विधानसभा क्षेत्र की नाबार्ड की पांच लंबित योजनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी लगभग 70 करोड़ रुपये की लिमिट अभी भी बची है और एक सड़क को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उनकी लिमिट उपलब्ध है तो वे प्राथमिकता के आधार पर एक सड़क का प्रस्ताव दें, सरकार उस पर ध्यान देगी।

वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुरने केंद्र से प्राप्त बजट के वितरण पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र से मिली राशि का अधिकतर हिस्सा कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में खर्च कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से हिमाचल प्रदेश को जरूरत से ज्यादा सहायता मिल रही है, इसके बावजूद सरकार केंद्र से सहयोग न मिलने का आरोप लगाती है, जो सही नहीं है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या आगे केंद्र से मिलने वाले बजट के वितरण में इस कथित असंतुलन को दूर किया जाएगा।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र से प्राप्त राशि योजनागत और करों के हिस्से के रूप में मिलती है और उसका आवंटन सभी क्षेत्रों में किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में भी बजट दिया गया है और राज्य सरकार पूरे प्रदेश के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा