हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से, हंगामे के आसार
शिमला, 20 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार 21 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। शिमला में होने वाले 14वीं विधानसभा के इस सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार हैं। विपक्षी भाजपा सरकार के खिलाफ कई मुद्दे सदन में उठा सकती है। भाजपा विधायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों और चल रही विजिलेंस जांच को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो चुकी है।
सत्र की पहली बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। सबसे पहले दो दिवंगत पूर्व विधायकों विजेंदर सिंह और रामचन्द्र भाटिया के निधन पर शोक प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद प्रश्नकाल होगा। विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। ऐसे में पहले दिन सदन में हंगामे की स्थिति बन सकती है।
इस बार मानसून सत्र में कुल 10 बैठकें होंगी और यह 3 सितंबर तक चलेगा। विधायकों की ओर से विधानसभा सचिवालय को कुल 1,036 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें 787 तारांकित और 249 अतारांकित प्रश्न हैं। विधायकों ने आपदा राहत राशि, स्कूलों के विलय, सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और नशे की रोकथाम सहित कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा है। 27 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस के रूप में निर्धारित किया गया है।
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानियां मौजूद रहे। बैठक में सत्र के दौरान उठाए जाने वाले विषयों और सदन के सुचारू संचालन पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में सहयोग की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए और सभी सदस्य नियमों की सीमा में रहकर अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि विधानसभा की अपनी गरिमा और उच्च परंपराएं हैं। विपक्ष का दायित्व है कि वह सरकार से सवाल पूछे और सरकार का दायित्व है कि विपक्ष के सवालों और सूचनाओं का स्पष्ट और सटीक जवाब दे।
पठानियां ने कहा कि समय की कोई कमी नहीं है। जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए सदस्यों को पर्याप्त समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 14वीं विधानसभा की उत्पादकता मानसून सत्र से पहले औसतन 90 से 132 प्रतिशत रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी सभी सदस्यों के सहयोग से विधानसभा की उत्पादकता का यह स्तर बना रहेगा।
सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शून्यकाल से जुड़े कुछ विषय भी उठाए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इन विषयों के समाधान के लिए वह प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को पहले ही बता चुके हैं। पठानियां ने बैठक में मौजूद संसदीय कार्य मंत्री से भी नेता प्रतिपक्ष की ओर से उठाए गए विषय को गंभीरता से लेने को कहा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सर्वदलीय बैठक के बाद सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से विधानसभा में उठाएगा। उनके अनुसार प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं और मुख्यमंत्री सदन में लगातार गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार विधानसभा में कई मामलों की पूरी जानकारी नहीं देती, जबकि वही जानकारी सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के माध्यम से मिल जाती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और आरटीआई कानून की भावना के खिलाफ बताया।
उन्होंने भाजपा विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों और जांच को भी मुद्दा बनाया। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार बदले की भावना से भाजपा विधायकों पर मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था हिमाचल के राजनीतिक इतिहास में पहले देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि विपक्ष मानसून सत्र में प्रदेश हित से जुड़े सभी मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा।
हर्षवर्धन चौहान बोले- सरकार के छिपाने जैसा कुछ नहीं
संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष की ओर से कुछ सुझाव दिए गए हैं और सरकार उन पर अमल करेगी।
चौहान ने कहा कि विपक्ष सदन में जो भी मुद्दे उठाएगा, सत्ता पक्ष उसका जवाब तथ्यों के आधार पर देगा। उन्होंने कहा कि सरकार पर जानकारी छिपाने का आरोप निराधार है और यह राजनीतिक आरोप है। सरकार से सदन में जो जानकारी मांगी जाती है, उसे पूरा विवरण के साथ सदन के सामने रखा जाता है।
उन्होंने विपक्ष से जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि विपक्ष सदन में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए और उन पर चर्चा करे। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका केवल सुर्खियों में रहने या वॉकआउट तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

