हिमाचल में तीन साल में भूकंप के 67 झटके, निजी संपत्ति को 7 लाख का नुकसान
शिमला, 31 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में बीते तीन वर्षों के दौरान एक अगस्त 2026 तक 67 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इन भूकंपों से प्रदेश में निजी संपत्ति को कुल 7 लाख 5 हजार रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। इसमें चंबा जिले में 4.55 लाख रुपये और लाहौल-स्पीति में 2.50 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। यह जानकारी राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को विधानसभा में विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल के लिखित जवाब में दी।
राजस्व मंत्री ने बताया कि इस अवधि में चंबा जिले में 26 बार, लाहौल-स्पीति में 14 बार, किन्नौर में सात बार, कांगड़ा में चार बार और शिमला में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।
चंबा में 4 अप्रैल 2024 को आया सबसे तेज भूकंप, तीव्रता 5.3 रही
राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस अवधि के दौरान सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप चंबा जिले में चार अप्रैल 2024 को आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 आंकी गई थी। उन्होंने बताया कि भूकंप की पूर्व चेतावनी और त्वरित सूचना के लिए प्रदेश में सेंसर और अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। भूकंप की निगरानी और पूर्व चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में वैज्ञानिक उपकरण स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। नेशनल इंस्ट्रूमेंटेशन नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल प्रदेश में करीब 100 उपकरण स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है।
सात जिलों में पहले चरण में 10 उपकरण लगाने की योजना
राजस्व मंत्री ने बताया कि नेशनल इंस्ट्रूमेंटेशन नेटवर्क प्रोजेक्ट के पहले चरण में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में चिन्हित स्थानों पर 10 वैज्ञानिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें बिलासपुर में एक, चंबा में दो, हमीरपुर में एक, मंडी में एक और सोलन में एक उपकरण स्थापित किया जा चुका है। इन उपकरणों की स्थापना का काम राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की ओर से हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से किया जा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

