मॉनसून सत्र : भाजपा विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष कक्ष के बाहर दिया धरना
शिमला, 22 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में वंदे मातरम् के गायन को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को सदन की कार्यवाही पर भारी पड़ा। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब छह मिनट बाद ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा शुरू हो गया। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार पर सदन को चलाने से बचने तथा जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। भाजपा विधायक दल के इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे।
यह पूरा विवाद वंदे मातरम् के गायन और राष्ट्रगान के अपमान के आरोपों को लेकर है। कांग्रेस की ओर से भाजपा विधायकों पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने इसका कड़ा विरोध किया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रश्नकाल के बाद यह मामला सदन में उठाया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान का अपमान किया है तो इसका वीडियो सदन के सामने दिखाया जाना चाहिए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस संबंध में वीडियो जारी करने की मांग की। उनका कहना था कि भाजपा विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, ऐसे में पूरे मामले को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
प्रश्नकाल के बाद जयराम ठाकुर ने सदन में अपनी बात रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जवाब देने के लिए खड़े हुए। इसी दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा शुरू हो गया। दोनों पक्षों के विधायक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी।
कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष के बाहर पहुंच गए। करीब 2 बजकर 35 मिनट तक उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की मौजूदगी में जोरदार नारेबाजी की। भाजपा विधायकों ने सरकार पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देने के आरोप लगाए।
धरने के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी बन गई है कि विपक्ष सदन चलाने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार सदन चलाने से पीछे हट रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब सत्तापक्ष मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सदन से बाहर चला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा को राजनीतिक हंगामे का मंच बना दिया गया है और जनता के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा लगातार सरकार से पूछ रही है कि वह राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन क्यों नहीं करना चाहती। उनके अनुसार मुख्यमंत्री इस सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय दूसरी बातों में चले जा रहे हैं और विपक्ष तथा जनता को गुमराह कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने सदन में हुए हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री बोल रहे थे, उस समय सत्ता पक्ष के विधायक अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे। उनका दावा था कि विपक्ष के विधायक अपनी सीटों पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सरकार सदन चलाना नहीं चाहती और विपक्ष के सवालों का सामना करने से बच रही है।
उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस तर्क के सदन में अनावश्यक बातें की जा रही हैं। राष्ट्रगान के अपमान के आरोपों पर उन्होंने कहा कि इसका वीडियो सदन के सामने रखा जाना चाहिए। भाजपा की ओर से विधानसभा अध्यक्ष से बार-बार वीडियो जारी करने का आग्रह किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

