हिमाचल के 44 मेधावी बीटेक छात्र जापान रवाना, मेडिकल विद्यार्थियों के लिए भी एक्सपोजर विजिट की तैयारी
शिमला, 06 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीक और कार्य संस्कृति का अनुभव दिलाने की पहल के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों के 44 विद्यार्थियों को जापान भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को इन विद्यार्थियों को वर्चुअल माध्यम से जापान के शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर टूर 6 से 12 सितंबर तक चलेगा। विभाग की ओर से यह दूसरा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर टूर है। इससे पहले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विद्यार्थियों के लिए कजाकिस्तान का दौरा आयोजित किया गया था। उस यात्रा में विद्यार्थियों को कौशल विकास की अलग-अलग पद्धतियों और वैश्विक व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को समझने का अवसर मिला था।
इस बार प्रदेश के पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक पाठ्यक्रम के मेधावी विद्यार्थियों का चयन जापान यात्रा के लिए किया गया है। यात्रा में 24 छात्र और 20 छात्राएं शामिल हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बताया कि इसके लिए करीब 650 आवेदन प्राप्त हुए थे और विद्यार्थियों का चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया गया है।
जापान में विद्यार्थी कई प्रमुख शैक्षणिक, अनुसंधान और औद्योगिक संस्थानों का दौरा करेंगे। इनमें टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) का त्सुकुबा स्पेस सेंटर, साइबरडाइन रोबोटिक्स स्टूडियो, जेएएल एयरोस्पेस फैक्ट्री और क्योसेरा फैक्ट्री शामिल हैं। विद्यार्थी ओसाका के विभिन्न उद्योगों का भी भ्रमण करेंगे।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस, उन्नत विनिर्माण, नवाचार और आधुनिक परिवहन प्रणालियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। उन्हें जापान की कार्य संस्कृति, अनुशासन, सामाजिक मूल्यों और तकनीकी विकास के साथ वहां की विरासत और जीवनशैली को जानने का भी अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सत्ता में आने के बाद विद्यार्थियों को नई तकनीकों, नवाचार और दुनिया में अपनाई जा रही कार्य प्रणालियों से परिचित कराने पर विशेष ध्यान दिया है। इसी क्रम में सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को कंबोडिया और आईटीआई विद्यार्थियों को कजाकिस्तान की एक्सपोजर विजिट पर भेजा गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब चिकित्सा महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
उन्होंने जापान जाने वाले विद्यार्थियों से कहा कि इस यात्रा से उन्हें अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति को समझने का नया अनुभव मिलेगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान वह पहली बार दिल्ली गए थे, जबकि आज प्रदेश के विद्यार्थियों को जापान जाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से जापान में उपलब्ध शैक्षणिक और तकनीकी अनुभव का अधिक से अधिक लाभ लेने को कहा।
मुख्यमंत्री ने जापान की भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील देश है। इसके बावजूद जापान ने तकनीक और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए वहां की तकनीकी उपलब्धियों और कार्य संस्कृति को समझना उपयोगी अनुभव होगा।
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के तहत राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक खूबसूरत राज्य है और सरकार की विभिन्न पहलें प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

