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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बदलेंगे व्यावसायिक शिक्षा के विषय

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शिमला, 20 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के विषयों में बदलाव की तैयारी है। इसके तहत दूरसंचार विषय की जगह इलेक्ट्रॉनिक तकनीक और प्लंबरिंग की जगह भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी शुरू करने के प्रस्ताव को सीबीएसई ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। निजी सुरक्षा विषय को अगले शैक्षणिक सत्र से बंद करने की भी तैयारी है। इन बदलावों का असर नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों पर पड़ेगा। हालांकि निजी सुरक्षा विषय पढ़ रहे दसवीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को चालू शैक्षणिक सत्र में इसी विषय के साथ पढ़ाई जारी रखने का विकल्प मिलेगा।

समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशक को पत्र जारी किया है। इसमें व्यावसायिक विषयों और प्रशिक्षकों के युक्तिकरण को लेकर सीबीएसई से मिले स्पष्टीकरण के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत स्कूलों में उपलब्ध व्यावसायिक विषयों के अनुसार विद्यार्थियों को नए विकल्प दिए जाएंगे।

पत्र के अनुसार दूरसंचार विषय के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक तकनीक शुरू करने का प्रस्ताव है। सीबीएसई ने इलेक्ट्रॉनिकी एवं हार्डवेयर विषय को भी दूरसंचार के विकल्प के रूप में प्रासंगिक बताया है। इसी तरह प्लंबरिंग की जगह भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी शुरू करने की योजना है। भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी में स्थान से संबंधित जानकारी जुटाने, उसका विश्लेषण करने और नक्शों के माध्यम से उसे समझने जैसे कौशल शामिल होते हैं।

इन बदलावों के बाद नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अपने स्कूल में उपलब्ध अन्य व्यावसायिक विषयों में से विकल्प चुनना होगा। विषयों का चयन स्कूल में उपलब्ध पाठ्यक्रम के आधार पर किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को नए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।

मौजूदा प्रशिक्षकों को मिल सकती है राहत

व्यावसायिक विषयों में बदलाव के साथ प्रशिक्षकों की योग्यता को लेकर भी सीबीएसई ने स्थिति स्पष्ट की है। बोर्ड के अनुसार यदि राज्य सरकार इस बात से संतुष्ट है कि पहले से कार्यरत प्रशिक्षकों के पास जरूरी कौशल है और वे नए पाठ्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों को पढ़ाने में सक्षम हैं, तो उन्हें संबंधित विषयों में काम जारी रखने की अनुमति देने पर बोर्ड को कोई आपत्ति नहीं है।

इस प्रावधान से नए विषय लागू होने की स्थिति में पहले से कार्यरत प्रशिक्षकों को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि प्रशिक्षकों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाने में सक्षम होने के संबंध में राज्य सरकार को संतुष्ट होना होगा।

निजी सुरक्षा विषय में कक्षा के अनुसार बदलाव

निजी सुरक्षा विषय को बंद करने की प्रस्तावित योजना में विद्यार्थियों की कक्षा के अनुसार अलग-अलग व्यवस्था की गई है। दसवीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थी चालू शैक्षणिक सत्र में इसी विषय की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। वहीं, नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उनके स्कूलों में उपलब्ध अन्य व्यावसायिक विषयों में स्थानांतरित किया जाएगा। निजी सुरक्षा विषय अगले शैक्षणिक सत्र से बंद किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त व्यावसायिक शिक्षा के तहत कौशल विकास और कौशल बोध शुरू करने की भी तैयारी है। इनके संचालन के लिए दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया बाद में जारी की जाएगी। शिक्षा विभाग को सीबीएसई के स्पष्टीकरण के अनुरूप विषयों में बदलाव और प्रशिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा