हिमाचल पुलिस में डिजिटल हाजिरी का सख्त आदेश, अब कागजी रजिस्टर नहीं चलेंगे
शिमला, 13 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में अब कर्मचारियों की हाजिरी से लेकर छुट्टी, तबादला, सेवा रिकॉर्ड और वेतन तक लगभग हर प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों, बटालियनों, पुलिस थानों, चौकियों और अन्य इकाइयों में ई-एचआरएमएस (मानव संपदा) प्रणाली को सख्ती से लागू करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही अधिकांश कार्यालयों में वर्षों से इस्तेमाल हो रहे कागजी उपस्थिति रजिस्टर बंद करने का फैसला भी लिया गया है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक इससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
हाजिरी से जुड़ेगा वेतन, छुट्टी भी होगी ऑनलाइन
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब सभी कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। बिना अनुमति अनुपस्थिति या देरी की जानकारी सीधे प्रणाली में दर्ज होगी और इसका असर वेतन प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए आवेदन और उनकी स्वीकृति केवल ई-एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से होगी। कागजी आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति, तबादला, शैक्षणिक योग्यता, वार्षिक वेतन वृद्धि और अन्य सेवा संबंधी विवरण भी डिजिटल सेवा पुस्तिका में अद्यतन रखना अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक कर्मचारी को हर वर्ष अपनी सेवा पुस्तिका का सत्यापन करना होगा और किसी त्रुटि की स्थिति में उसे 15 दिनों के भीतर ठीक करना होगा।
तबादले से लेकर एसीआर तक सब कुछ डिजिटल
नई व्यवस्था के तहत आंतरिक समायोजन, शाखाओं के बीच तैनाती और विभिन्न इकाइयों के बीच तबादले भी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किए जाएंगे। कार्यभार ग्रहण करने और कार्यमुक्त होने की रिपोर्ट भी पोर्टल पर ही तैयार होगी। पुलिस कर्मियों और मंत्रालयिक कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट तथा प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट भी अब ऑनलाइन भरी जाएंगी। हर जिला, बटालियन और इकाई में निरीक्षक, उपनिरीक्षक या अधीक्षक स्तर का एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो कर्मचारियों की सहायता करेगा और तकनीकी समस्याओं का समाधान करेगा। पुलिस मुख्यालय ने सभी कार्यालय प्रमुखों को हर सप्ताह समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का पालन नहीं होने पर संबंधित कार्यालय प्रमुख और आहरण एवं संवितरण अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

