(अपडेट) कहीं मतपत्र में छूटा उम्मीदवार का नाम, कहीं नोटा की मुहर बनी वजह, हिमाचल में तीन जगह पंचायत चुनाव रद्द
शिमला, 26 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान जहां कई जगह भारी उत्साह देखने को मिला, वहीं तीन अलग-अलग मामलों में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने से मतदान स्थगित करना पड़ा। सबसे ज्यादा चर्चा शिमला जिले के रामपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत नरैन के वार्ड नंबर-1 ब्रांदली-1 मतदान केंद्र की रही, जहां मतदान कक्ष में स्वास्तिक चिन्ह वाली स्टाम्प के साथ नोटा मार्क की स्टाम्प भी रख दी गई। इस गलती की वजह से एक मतदाता ने अनजाने में उम्मीदवार की जगह नोटा पर मुहर लगा दी। मामला सामने आने तक 124 मतदाता वोट डाल चुके थे, जिसके बाद मतदान रोकना पड़ा।
इस मामले को चुनाव प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने पूरी पोलिंग पार्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित अधिकारियों में प्रीसाइडिंग अधिकारी अनिल कुमार, पोलिंग अधिकारी प्रकाश चंद, राज कुमार और रमेश चंद शामिल हैं। आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान इन सभी का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय रामपुर रहेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने अब इस वार्ड में दोबारा मतदान 30 मई को करवाने का फैसला लिया है।
उधर, जिला मंडी के करसोग क्षेत्र में भी मतदान प्रक्रिया में बड़ी चूक सामने आई। पंचायत समिति करसोग के वार्ड नंबर-12 मेंहडी में ग्राम पंचायत थाच-थर्मी और परलोग के पंचायत समिति सदस्य पद के लिए छपे मतपत्र में चुनाव लड़ रहे एक उम्मीदवार का नाम ही नहीं था। यह मामला सामने आने के बाद आयोग ने यहां मतदान स्थगित कर दिया। अब इस वार्ड में दोबारा चुनाव 28 मई को करवाया जाएगा।
जिला चंबा में भी एक वार्ड का चुनाव रद्द करना पड़ा। विकास खंड चंबा की ग्राम पंचायत चम्बी के वार्ड नंबर-3 डीला में वार्ड सदस्य पद के एक उम्मीदवार की दुखद मृत्यु हो जाने के कारण निर्वाचन प्रक्रिया रोक दी गई। आयोग ने यहां चुनाव रद्द और स्थगित करने के आदेश जारी किए हैं।
इन घटनाओं के बीच प्रदेशभर में मतदान को लेकर लोगों में भारी उत्साह दिखाई दिया। यह मतदान वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव के पहले चरण के रिकॉर्ड से भी आगे निकलता दिखा। वर्ष 2021 में पहले चरण में करीब 77 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि इस बार मतदान प्रतिशत 78 फीसदी से ऊपर पहुंच गया है। गांवों में सुबह सात बजे मतदान शुरू होते ही लंबी कतारें लग गई थीं और कई जगह 3 बजे के बाद भी लोग मतदान केंद्रों के बाहर खड़े दिखाई दिए।
पहले चरण में कुल्लू जिले में सबसे ज्यादा करीब 84 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि लाहौल-स्पीति में सबसे कम करीब 69 फीसदी वोट पड़े। कुल्लू में महिला मतदाताओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही, जहां करीब 85 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश के 10 जिलों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा, जिसे ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है।
जिलावार मतदान प्रतिशत के अनुसार बिलासपुर में 77 फीसदी, चंबा में 79 फीसदी, हमीरपुर में 73 फीसदी, कांगड़ा में 75 फीसदी, किन्नौर में 72 फीसदी, कुल्लू में 84 फीसदी, लाहौल-स्पीति में 69 फीसदी, मंडी में 79 फीसदी, शिमला में 80 फीसदी, सिरमौर में 82 फीसदी, सोलन में 81 फीसदी और ऊना में 79 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। सिरमौर जिले के विकास खंड कमरऊ की ग्राम पंचायत कुनैर-धमौन के तिलोरधार में सबसे ज्यादा करीब 97 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक पंचायती राज संस्थाओं के 31 हजार 182 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया चल रही है। इनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उप-प्रधान, 21,654 ग्राम पंचायत सदस्य, 1,769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। चुनाव अधिसूचना 29 अप्रैल को जारी की गई थी। नामांकन प्रक्रिया के दौरान 86 हजार 204 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच में 742 नामांकन पत्र खारिज हुए, जबकि नाम वापसी के बाद 10 हजार 854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
आयोग ने बताया कि प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना जारी है और इनके परिणाम देर रात तक आने की संभावना है। वहीं 250 जिला परिषद वार्डों और 1,684 पंचायत समिति वार्डों की मतगणना 31 मई को होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

