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पंचायत में भाई-बहन की जोड़ी का कमाल, बहन बनी प्रधान तो भाई उपप्रधान

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पंचायत में भाई-बहन की जोड़ी का कमाल, बहन बनी प्रधान तो भाई उपप्रधान


शिमला, 27 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पहले चरण में 1293 पंचायतों के चुनाव परिणाम में इस बार कई दिलचस्प व रोचक नतीजे सामने आये हैं। सिरमौर जिला की एक पंचायत ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विकास खंड संगड़ाह की ग्राम पंचायत बाऊनल काकोग में लोगों ने एक ही परिवार के सगे भाई-बहन को पंचायत की दो सबसे बड़ी जिम्मेदारियां सौंप दीं। यहां अनिता शर्मा प्रधान चुनी गई हैं, जबकि उनके सगे भाई रामचरण उपप्रधान बने हैं।

खास बात यह भी है कि दोनों शादीशुदा हैं और बहन की शादी भी इसी पंचायत में हुई है। एक ही पंचायत से भाई-बहन का एक साथ प्रधान और उपप्रधान चुना जाना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चुनाव नतीजे सामने आने के बाद पंचायत में उत्साह का माहौल है। समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया। ग्रामीण इसे पंचायत राजनीति में एक नई शुरुआत मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि पंचायत ने इस बार जाति और पारंपरिक समीकरणों से ऊपर उठकर शिक्षित और युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

प्रधान पद पर जीत हासिल करने वाली अनिता शर्मा एमए पॉलिटिकल साइंस तक शिक्षित हैं। वह लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं और पंचायत के विभिन्न मुद्दों पर लोगों के बीच काम करती रही हैं। चुनाव में उन्हें कुल 385 वोट मिले। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी उर्मिला को 62 मतों के अंतर से हराया। अनिता शर्मा की जीत को पंचायत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और शिक्षित नेतृत्व की स्वीकार्यता के तौर पर भी देखा जा रहा है।

वहीं, उनके भाई रामचरण ने उपप्रधान पद के चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने 12वीं कक्षा के साथ होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। चुनाव में उन्हें 562 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नवरंग को 431 मतों के बड़े अंतर से हराया। नवरंग को कुल 131 वोट प्राप्त हुए।

पंचायत के लोगों का कहना है कि रामचरण युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं और चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने रोजगार, सड़क और पेयजल जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि भाई-बहन की यह जोड़ी पंचायत के विकास को नई दिशा देगी। लोगों का कहना है कि नई पंचायत शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर तेजी से काम करेगी। पंचायत के बुजुर्गों का भी मानना है कि शिक्षित नेतृत्व से गांवों में विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत 1293 पंचायतों में मंगलवार को मतदान हुआ था। मतदान के बाद देर रात तक मतगणना चली और नतीजे घोषित किए गए। पहले चरण के चुनाव में कई जगह दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले। दूसरे चरण में 28 मई को 1,274 व तीसरे चरण में 30 मई को 1,187 पंचायतों में मतदान होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा