home page

हिमाचल विधानसभा के बाहर आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, दो महीने का अल्टीमेटम, नीति बनाने की मांग

 | 
हिमाचल विधानसभा के बाहर आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, दो महीने का अल्टीमेटम, नीति बनाने की मांग


शिमला, 25 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को विधानसभा के बाहर चौड़ा मैदान में सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कर्मचारी बारिश के बीच छाते लेकर प्रदर्शन में डटे रहे। कर्मचारियों ने सरकार से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने, नौकरी की सुरक्षा देने और कम मानदेय की समस्या दूर करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना था कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 25 हजार कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें कई कर्मचारी 15 से 20 साल से लगातार काम कर रहे हैं। इतने लंबे समय तक सरकारी विभागों में सेवाएं देने के बाद भी उनके भविष्य की कोई गारंटी नहीं है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार जब चाहे उन्हें नौकरी से बाहर कर सकती है।

आउटसोर्स कर्मचारी संघ के संयोजक अश्वनी शर्मा ने कहा कि अधिकांश आउटसोर्स कर्मचारियों को करीब 12 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। मौजूदा महंगाई में इतनी कम आय में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। कम मानदेय और नौकरी की असुरक्षा के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी पिछले करीब एक दशक से अपने लिए स्थायी नीति बनाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व सरकार के कार्यकाल में भी कर्मचारियों ने नीति की मांग को लेकर लंबा आंदोलन किया था, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी। अब मौजूदा सरकार के सामने भी कर्मचारियों ने यही मांग रखी है।

चौड़ा मैदान में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार को मांगें पूरी करने के लिए दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों ने कहा कि इस अवधि में उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ तो आउटसोर्स कर्मचारी संघ आंदोलन शुरू करेगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपने भविष्य की सुरक्षा और नीति की मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शोषित वर्ग के लिए अच्छे फैसले ले रहे हैं और इसी वजह से आउटसोर्स कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि सरकार उनके लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का समाधान करेगी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द नीति बनाने और उनकी नौकरी व भविष्य को सुरक्षित करने की मांग दोहराई।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा