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आपदा प्रबंधन पर केंद्र ने हिमाचल की सराहना की, पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति पर जताया संतोष

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शिमला, 21 जुलाई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन और वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा के बाद पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों में हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (आपदा प्रबंधन) की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्य में चल रहे पुनर्वास, पुनर्निर्माण और आपदा जोखिम कम करने से जुड़े कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में केंद्र ने इन कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए भविष्य में इन्हें और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव डॉ. पुष्पेंद्र राणा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान वर्ष 2023 की आपदा के बाद शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं, पुनर्वास योजनाओं और जोखिम कम करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान गृह मंत्रालय ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया है। मंत्रालय ने पुनर्वास, पुनर्निर्माण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जुड़ी परियोजनाओं में हुई प्रगति की भी सराहना की। साथ ही राज्य सरकार को परियोजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को और मजबूत करने की सलाह दी। मंत्रालय का कहना था कि इससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूती मिलेगी।

बैठक में एनडीएमए की सदस्य रीता ने भी हिमाचल सरकार की ओर से तैयार किए गए आउटपुट एवं आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पुनर्वास और पुनर्निर्माण परियोजनाओं की व्यवस्थित निगरानी के लिए एक प्रभावी पहल है और इससे परियोजनाओं की प्रगति का बेहतर आकलन किया जा सकता है।

वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्य शुरू किए गए थे। केंद्र सरकार की ताजा समीक्षा बैठक में इन प्रयासों की सराहना को राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पुनर्निर्माण से जुड़े कार्य तय मानकों के अनुसार आगे बढ़ते रहें और उनकी नियमित निगरानी होती रहे। इससे प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा