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हिमाचल में मॉनसून की दस्तक के साथ शिमला में भूस्खलन, शिमला-मंडी हाईवे पर यातायात प्रभावित

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हिमाचल में मॉनसून की दस्तक के साथ शिमला में भूस्खलन, शिमला-मंडी हाईवे पर यातायात प्रभावित


शिमला, 30 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की दस्तक के साथ ही राजधानी शिमला में मंगलवार शाम भूस्खलन की घटना सामने आई। शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात प्रभावित हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन सड़क पर मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और लंबा जाम लग गया।

जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर बाद शिमला में हुई बारिश के कुछ समय बाद बैरियर के पास पहाड़ी का एक हिस्सा खिसक गया। इससे शिमला-चक्कर सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आ गए, जिसके कारण इस मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। मौके पर प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें पहुंचीं और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। देर शाम तक सड़क को बहाल करने के प्रयास जारी रहे।

भूस्खलन वाले स्थान के साथ ही शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग भी सटा हुआ है। मलबा गिरने और यातायात प्रभावित होने का असर इस मार्ग पर भी देखने को मिला। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहनों को बालूगंज मार्ग से निकाला गया। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर यातायात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की।

यह भूस्खलन ऐसे समय हुआ है,जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की आधिकारिक पुष्टि की है। इस वर्ष मॉनसून सामान्य तिथि 25 जून की तुलना में करीब पांच दिन की देरी से प्रदेश पहुंचा है। पिछले वर्ष मॉनसून 20 जून को ही हिमाचल में प्रवेश कर गया था। मौसम विभाग के अनुसार 30 जून तक मॉनसून पूरे किन्नौर जिले, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश हिस्सों, शिमला और मंडी जिलों के कई क्षेत्रों तथा सिरमौर और कांगड़ा के कुछ भागों तक पहुंच चुका है। अगले दो से तीन दिनों में इसके पूरे प्रदेश में फैलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने मॉनसून की शुरुआत के साथ ही अगले एक सप्ताह के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 1 जुलाई को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। वहीं 2, 3 और 4 जुलाई के लिए कई जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। 5 और 6 जुलाई को भी भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा