हिमाचल में 94 फीसदी तक पहुंची एलपीजी की डिजिटल बुकिंग
शिमला, 22 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में घरेलू गैस यानी एलपीजी की डिजिटल बुकिंग तेजी से बढ़ी है। मई 2026 में प्रदेश में 94 फीसदी उपभोक्ताओं ने डिजिटल माध्यम से गैस बुकिंग की, जबकि फरवरी 2026 तक यह आंकड़ा 85 फीसदी था। तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि इससे गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जी बुकिंग तथा डुप्लीकेशन के मामलों में भी कमी आई है।
तेल कंपनियों के अनुसार डिजिटल प्रमाणीकरण कोड यानी डीएसी प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है ताकि कालाबाजारी और हेराफेरी को रोका जा सके। कंपनियों ने दावा किया है कि हिमाचल प्रदेश में 94 फीसदी प्रमाणीकरण लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
इस बीच प्रदेश सहित कई राज्यों में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग भी बढ़ी है। कंपनियों का कहना है कि खेती और कटाई के मौसम के कारण डीजल और पेट्रोल की खपत में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर निजी कंपनियों की तुलना में कम कीमत होने से भी ज्यादा ग्राहक सरकारी तेल कंपनियों के आउटलेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं की मांग बढ़ने से भी दबाव बढ़ा है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने कहा है कि बढ़ती मांग के बावजूद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति लगातार जारी है। कंपनियां अपने डिपो, टर्मिनल, पाइपलाइन, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और पेट्रोल पंपों के जरिए पूरे देश में ईंधन की निर्बाध सप्लाई बनाए हुए हैं।
तेल कंपनियों के अनुसार उनकी सप्लाई और ट्रांसपोर्ट टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि किसी भी क्षेत्र में ईंधन की कमी न हो। राज्य प्रशासन के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है।
कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें। उनका कहना है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। उपभोक्ताओं से यह भी कहा गया है कि वे ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल कंपनियों की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

