लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों के डीओ नोट पर तबादले गलत नहीं : हाईकोर्ट
शिमला, 17 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने डी.ओ. नोट के आधार पर किए जाने वाले तबादलों को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान या उसके आसपास के क्षेत्र में तैनात है, तो ऐसे मामलों में डी.ओ. नोट के आधार पर किया गया तबादला गलत नहीं माना जा सकता।
यह व्यवस्था अजय मोहन गोयल की अदालत ने तबादले से संबंधित एक याचिका को खारिज करते हुए दी। अदालत ने कहा कि कई बार लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों का तबादला केवल डी.ओ. नोट जैसे माध्यमों से ही संभव हो पाता है, इसलिए ऐसे तबादलों को गलत नहीं ठहराया जा सकता।
मामले के अनुसार याचिकाकर्ता एच.पी.एफ. एंड ए.एस. कैडर में संयुक्त नियंत्रक के पद पर कार्यरत था और उसका तबादला 31 मार्च, 2026 को तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर, जिला मंडी से बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण (बी.बी.एन.डी.ए.), ई.पी.आई.पी. चरण-1, झाड़मजरी बद्दी में किया गया था। याचिकाकर्ता ने इस आदेश को अदालत में चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता का कहना था कि उसका तबादला दुर्भावना से प्रेरित है और यह निजी प्रतिवादी द्वारा प्राप्त डी.ओ. नोट के आधार पर किया गया है। साथ ही उसने यह भी तर्क दिया कि उसे अपने वर्तमान स्थान पर सामान्य कार्यकाल पूरा करने का अवसर नहीं दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सेवा रिकॉर्ड का अवलोकन किया। अदालत के सामने यह तथ्य आया कि याचिकाकर्ता अप्रैल 2015 से लेकर अब तक मंडी, नेरचौक और सुंदरनगर जैसे क्षेत्रों में ही तैनात रहा है, केवल एक वर्ष की अवधि को छोड़कर जब उसने शिमला में सेवा दी थी। इस प्रकार वह लगभग दस वर्षों से मंडी और उसके आसपास के क्षेत्रों में ही कार्यरत था।
अदालत ने माना कि इतने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में तैनाती रहने की स्थिति में डी.ओ. नोट के आधार पर किया गया तबादला अनुचित नहीं कहा जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया और तबादले के आदेश को बरकरार रखा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

