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हिमाचल सरकार ने चार स्कूलों के विलय का फैसला लिया वापस

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शिमला, 24 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने पहले जारी किए गए एक फैसले में बदलाव करते हुए चार स्थानों पर लड़कियों और लड़कों के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को मिलाकर एक सहशिक्षा स्कूल बनाने के निर्णय को रद्द कर दिया है। इस संबंध में विभाग की ओर से नई अधिसूचना जारी की गई है। इसमें साफ किया गया है कि अब ये स्कूल अलग-अलग ही संचालित होंगे।

सरकार ने जिन स्कूलों के विलय को रद्द किया है, उनमें जिला कांगड़ा के नूरपुर में पीएम श्री बख्शी टेक चंद गवर्नमेंट मॉडल गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल नूरपुर और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बॉयज़ नूरपुर, जिला कांगड़ा के धर्मशाला में पीएम श्री गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल धर्मशाला और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी (बॉयज़) स्कूल धर्मशाला, जिला मंडी के सरकाघाट में पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सरकाघाट और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी (गर्ल्स) स्कूल सरकाघाट, तथा जिला कांगड़ा के देहरा में पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल देहरा और गवर्नमेंट (गर्ल्स) सीनियर सेकेंडरी स्कूल देहरा शामिल हैं।

नई व्यवस्था के तहत इन सभी स्थानों पर दोनों स्कूल सहशिक्षा के रूप में तो चलेंगे, लेकिन एक स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध होगा, जबकि दूसरा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़ा रहेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो स्कूल हिमाचल प्रदेश बोर्ड से संबद्ध होगा, वह हाई स्कूल के रूप में कार्य करेगा, जबकि CBSE से संबद्ध स्कूल को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के रूप में चलाया जाएगा।

स्कूलों के भवन और संसाधनों को लेकर अंतिम निर्णय शिक्षा निदेशक द्वारा लिया जाएगा। निदेशक यह तय करेंगे कि किस परिसर में सीबीएसई से जुड़ा स्कूल संचालित होगा और किस परिसर में राज्य बोर्ड से संबद्ध स्कूल चलेगा। इसके लिए भवन, सुविधाएं और अन्य जरूरी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।

यह आदेश शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर की ओर से जारी किया गया है। सरकार के इस फैसले से संबंधित क्षेत्रों में स्कूलों की मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखते हुए नई संरचना लागू की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा