राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने भाखड़ा बांध का दौरा कर की बिजली उत्पादन व्यवस्था की समीक्षा, श्री नैना देवी मंदिर में टेका माथा
बिलासपुर, 21 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने वीरवार को बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित ऐतिहासिक भाखड़ा बांध का दौरा कर बिजली उत्पादन से जुड़े बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनज़र जल संरक्षण और उत्तरदायी जल प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्यपाल ने बांध परिसर का दौरा करते हुए टर्बाइन और विद्युत स्टेशनों का निरीक्षण किया तथा बिजली उत्पादन मशीनरी की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने इंजीनियरों और रखरखाव कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
अधिकारियों ने राज्यपाल को बांध की परिचालन स्थिति, जल भंडारण स्तर, बिजली उत्पादन क्षमता और रखरखाव कार्यों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि भाखड़ा बांध कई राज्यों की सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ जलविद्युत उत्पादन में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि भाखड़ा बांध आधुनिक भारत के निर्माताओं की दूरदृष्टि और संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता और वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार प्रबंधन की अत्यंत आवश्यकता है।
राज्यपाल ने विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और देशवासियों की शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि श्री नैना देवी मंदिर न केवल आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि मां नैना देवी का आशीर्वाद लोगों को निष्ठा और ईमानदारी के साथ समाज व देश सेवा के लिए प्रेरित करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

