हिमाचल में मानसून से पहले ही फ्लैश फ्लड का अलर्ट, शिमला-सिरमौर में खतरे की चेतावनी
शिमला, 12 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम विभाग ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है जो आमतौर पर मानसून के सक्रिय होने के बाद देखने को मिलती है। विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों तथा आसपास के निचले इलाकों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा जताया है।
मौसम विभाग का कहना है कि पिछली रात और शुक्रवार को हुई बारिश के प्रभाव को देखते हुए यह चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचने तथा मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
इस बीच प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से लेकर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन कुछ स्थानों पर जनजीवन प्रभावित भी हुआ है। शिमला, कांगड़ा, भुंतर, सुंदरनगर, मनाली, कुफरी और अन्य कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा हुई, जबकि कुमारसेन और मलाना क्षेत्र में मध्यम ओलावृष्टि दर्ज की गई। हमीरपुर जिले के नेरी में 81 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में झाकड़ी के समीप ज्यूरी बाजार के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर तेज आंधी के कारण एक पेड़ गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। बाद में मार्ग को बहाल कर दिया गया। इस घटना में दो वाहनों को हल्का नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
कसौली में 105 मिमी बारिश, तापमान में बड़ी गिरावट, गर्मी से मिली राहत
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सोलन जिले के कसौली में सबसे अधिक 105 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई, जो मूसलाधार बारिश की श्रेणी में आती है। धर्मपुर में 86.6 मिलीमीटर, धौलाकुआं में 43.5 मिलीमीटर, पालमपुर में 40 मिलीमीटर, सोलन में 34.6 मिलीमीटर, जोत और सराहन में 30-30 मिलीमीटर तथा नाहन में 26.7 मिलीमीटर बारिश हुई। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। वर्षा का असर तापमान पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से 1.6 डिग्री नीचे पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान की बात करें तो कुकुमसेरी में 5.6 डिग्री, केलंग में 7.0 डिग्री, कल्पा में 8.6 डिग्री, कुफरी में 8.9 डिग्री और शिमला में 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं पांवटा साहिब में 23 डिग्री और देहरा गोपीपुर में 23.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।
13 जून को 10 जिलों में येलो अलर्ट, 18 जून तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 13 जून को लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के शेष 10 जिलों में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं, आंधी, बिजली चमकने और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं तथा कुछ क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक के झोंके आने की संभावना है। 13 और 14 जून को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। 14 जून से 18 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। हालांकि बाद के दिनों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना कुछ कम हो सकती है, लेकिन बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है और मध्य व उत्तर भारत में इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। साथ ही क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन मौसम को प्रभावित कर रही है। मानसून 25 जून के आसपास हिमाचल में दस्तक देता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

