home page

हिमाचल में 96,244 कर्मचारियों को ईपीएफओ की बढ़ी वेतन सीमा का मिलेगा लाभ

 | 
हिमाचल में 96,244 कर्मचारियों को ईपीएफओ की बढ़ी वेतन सीमा का मिलेगा लाभ


शिमला, 25 सितंबर (हि.स.)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। नई वेतन सीमा 17 सितंबर 2026 से लागू हो गई है। हिमाचल प्रदेश में 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर अंशदान कर रहे 96,244 कर्मचारियों/कामगारों व अंशदाताओं को इसका लाभ मिलेगा। वेतन सीमा बढ़ने से अधिक पात्र कर्मचारी ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में आएंगे और भविष्य निधि, पेंशन तथा बीमा से जुड़े लाभों तक उनकी पहुंच बढ़ेगी।

शिमला में शुक्रवार को ईपीएफओ पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश क्षेत्र की प्रेस वार्ता में अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त राजीव बिष्ट ने यह जानकारी दी।

राजीव बिष्ट ने बताया कि हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में 8,664 अंशदायी प्रतिष्ठान ईपीएफओ से जुड़े हैं। इन प्रतिष्ठानों में कुल 3,36,759 अंशदायी सदस्य हैं। इनमें से 96,244 सदस्य वर्तमान में 15 हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर अंशदान कर रहे हैं। वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने से इन 96,244 अंशदाताओं को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि वेतन सीमा बढ़ने से सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। ईपीएफओ के तहत भविष्य निधि, पेंशन और बीमा सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होंगे।

राजीव बिष्ट ने विश्वास 2026 योजना, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, कर्मचारी नामांकन अभियान 2026 और एमनेस्टी 2026 के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना रोजगार सृजन और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने से संबंधित है।

उन्होंने नियोक्ताओं से पात्र कर्मचारियों का समय पर पंजीकरण और नामांकन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही कर्मचारियों को उनके अधिकारों और ईपीएफओ से मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी देने को कहा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सही जानकारी और जागरूकता जरूरी है।

उन्होंने नियोक्ताओं और कर्मचारियों से बढ़ी हुई वेतन सीमा तथा ईपीएफओ की अन्य योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की अपील की।

उन्होंने सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में कर्मचारियों और नियोक्ताओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने वेतन सीमा में बढ़ोतरी के साथ ईपीएफओ की विभिन्न योजनाओं और अभियानों की भी जानकारी दी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा