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स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एसओएस विद्यार्थियों के लिए मुद्रित पुस्तकों का उपयोग अनिवार्य किया

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स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एसओएस विद्यार्थियों के लिए मुद्रित पुस्तकों का उपयोग अनिवार्य किया


धर्मशाला, 01 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हिमाचल प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के विद्यार्थियों की सुविधा एवं परीक्षा तैयारी को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से बोर्ड द्वारा प्रकाशित पाठ्य-पुस्तकों एवं प्रायोगिक पुस्तकों का उपयोग अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि बोर्ड को विभिन्न विद्यार्थियों से यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि बाजार में अलग से एसओएस की पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस विषय की समीक्षा के उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि चूंकि बोर्ड नियमित एवं एसओएस विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम तथा प्रश्न-पत्र समान हैं, इसलिए बोर्ड द्वारा प्रकाशित पाठ्य एवं प्रायोगिक पुस्तकें ही एसओएस विद्यार्थियों द्वारा उपयोग में लाई जाएंगी।

डॉ. शर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से एसओएस के नवीन प्रवेश, अतिरिक्त विषय तथा विशेष अंक सुधार परीक्षा श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होगी। अन्य श्रेणियों के विद्यार्थियों को भी इन पुस्तकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, हालांकि उनके लिए यह व्यवस्था वैकल्पिक रहेगी।

उन्होंने बताया कि ये पुस्तकें बोर्ड के बुक डिस्ट्रीब्यूशन, इंफॉर्मेशन एंड गाइडेंस सेंटर तथा अधिकृत पुस्तक विक्रेताओं के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएंगी। सभी एसओएस अध्ययन केंद्रों को अपने निकटतम बीडीआईजीसी से पुस्तकें प्राप्त कर विद्यार्थियों को वितरित करना होगा। साथ ही, जारी की गई पुस्तकों का कक्षा, विषय एवं सत्रवार अभिलेख भी तैयार करना अनिवार्य होगा।

बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि सभी अध्ययन केंद्रों को बीडीआईजीसी द्वारा जारी पुस्तकों की खरीद रसीदें प्रत्येक वर्ष 31 मार्च तक अध्ययन केंद्र नवीनीकरण शुल्क के साथ बोर्ड कार्यालय में जमा करवानी होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों की अनुपालना न करने की स्थिति में संबंधित एसओएस अध्ययन केंद्र की मान्यता/संचालन समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया